ग्रेटर नोएडा में पंजाब नेशनल बैंक के ग्राहकों के खातों से 10 करोड़ 24 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में CBI ने एक महिला बैंक कर्मचारी सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में PNB की पाई ब्रांच का ऑफिस असिस्टेंट और एक निजी व्यक्ति शामिल है। CBI के मुताबिक, आरोप है कि बैंक कर्मचारी ने निजी व्यक्ति और अन्य अज्ञात लोगों के साथ मिलकर ग्राहकों के खातों से अनधिकृत ट्रांजैक्शन किए और करीब 10.24 करोड़ रुपये की रकम निकाल ली।
पूरे नेटवर्क की हो रही जांच
इस मामले में CBI ने 29 अक्टूबर 2026 को केस दर्ज किया था। वहीं, पुणे की विशेष CBI अदालत से निजी आरोपी की ट्रांजिट रिमांड भी हासिल की गई है। फिलहाल CBI पूरे नेटवर्क और पैसों के लेन-देन की जांच में जुटी है। CBI की एंटी करप्शन ब्रांच (गाजियाबाद) ने 29 अक्टूबर 2026 को इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी।
महिला कर्मचारी पर आरोप
प्रारंभिक जांच के अनुसार, दीपांशी पर आरोप है कि उसने पिछले तीन वर्षों में बैंक के अन्य अधिकारियों की सीबीएस (CBS) यूजर आईडी का गलत तरीके से इस्तेमाल किया और ग्राहकों के बचत खातों तथा फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से अनधिकृत रूप से पैसे निकाले। 16 सितंबर 2026 को एक खाताधारक द्वारा संदिग्ध डेबिट लेन-देन की शिकायत करने के बाद यह घोटाला सामने आया था। ग्राहकों की धनराशि में हेरफेर कर गबन करने की साजिश सकीपुर निवासी कार्यालय सहायक दीपांशी ने दूसरी बैंक में सेवारत भाई के साथ मिलकर रची थी।
खाताधारकों का आरोप
जानकारी के मुताबिक ऐसे सभी खाताधारक जिनकी धनराशि में हेरफेर की गई है, उनके पास दीपांशी के अलावा उसके भाई का भी मोबाइल नंबर मौजूद है। पीड़ित खाताधारकों का कहना है कि जब भी वे रुपये निकालने के लिए दीपांशी से संपर्क करते थे, दीपांशी या उसका भाई बैंक के बाहर ही आकर मुलाकात करते थे और दोनों हर बार झांसा देकर गोलमोल बातें करते थे। निकासी के बाउचर तक नहीं भरवाते थे, बल्कि अपने पास से रकम देकर बैंक के बाहर से ही चलता कर देते थे। पीड़ितों का दावा है कि दीपांशी का भाई भी ग्रेटर नोएडा के ही एक बैंक में कार्यरत है।
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