उत्तर प्रदेश के देवरिया में सड़क किनारे मिले महिला के शव की गुत्थी ने पुलिस को भी हैरान कर दिया। जिस महिला की हत्या कर शव सुनसान इलाके में फेंक दिया गया था, उसका कातिल कोई अनजान शख्स नहीं, बल्कि उसी स्कूल का प्रबंधक निकला, जहां वह पढ़ाती थी। पुलिस जांच में प्रेम संबंध, शादी का दबाव और फिर खौफनाक कत्ल की कहानी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने शादी के लिए लगातार दबाव बना रही शिक्षिका की चलती कार में गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को कार की डिग्गी में छिपाकर दिनभर सड़कों पर घूमता रहा और रात होते ही सुनसान जगह पर फेंककर फरार हो गया।
72 घंटे के अंदर पुलिस ने किया खुलासा
पुलिस ने इस अंधे हत्याकांड का 72 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए गोरखपुर के एक निजी स्कूल के प्रबंधक विजय निषाद को गिरफ्तार किया है। मृतका की पहचान गोरखपुर के झंगहा क्षेत्र के कन्हौली हरैया निवासी रानी विश्वकर्मा के रूप में हुई है। वह आरोपी के स्कूल में शिक्षिका के पद पर कार्यरत थी। पुलिस का दावा है कि दोनों के बीच प्रेम संबंध थे, लेकिन विजय पहले से शादीशुदा था और उसके दो बच्चे भी हैं।
मामले की शुरुआत 31 अक्टूबर की रात हुई, जब रुद्रपुर थाना क्षेत्र में श्री नेत्र ग्लोबल स्कूल के पास एक वैगनआर कार से महिला का शव फेंके जाने की सूचना मिली। सड़क किनारे शव मिलने की खबर से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई। एसपी अभिजित आर. शंकर ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले के खुलासे के लिए पुलिस की कई टीमें गठित कर दीं। मृतका की पहचान होने के बाद उसके पिता की शिकायत पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया और जांच शुरू हुई।
पुलिस की तफ्तीश में पता चला कि 31 अक्टूबर की सुबह रानी अपने स्कूल पहुंची थी। वहां उसने प्रबंधक विजय निषाद से शादी करने की बात कही। बताया जा रहा है कि रानी लगातार उस पर विवाह का दबाव बना रही थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। इसके बाद विजय उसे अपनी वैगनआर कार में बैठाकर मिठाबेल गांव के बाहर एक सुनसान स्थान पर ले गया।
दम घुटने से हुई मौत
पुलिस के मुताबिक, कार में ही दोनों के बीच फिर कहासुनी हुई और इसी दौरान विजय ने बीच वाली सीट पर बैठी रानी का गला दबा दिया। दम घुटने से उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी ने शव को कार की डिग्गी में डाल दिया और उसे ठिकाने लगाने की योजना बनाने लगा। हैरानी की बात यह है कि शव कार की डिग्गी में रखकर आरोपी पूरे दिन चौरीचौरा और आसपास के इलाकों में घूमता रहा, लेकिन किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। रास्ते में आरोपी ने सबूत मिटाने की भी कोशिश की। उसने रानी का मोबाइल फोन तोड़ दिया और उसका कवर व एटीएम कार्ड अलग-अलग जगह फेंक दिए, ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके। इसके बाद रात का अंधेरा होने पर वह रुद्रपुर पहुंचा और श्री नेत्र ग्लोबल स्कूल के पास शव फेंककर मौके से फरार हो गया।
पुलिस ने सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से आरोपी तक पहुंचने में कामयाबी हासिल की। पुलिस ने विजय निषाद को निबही मोड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई वैगनआर कार भी बरामद कर ली गई है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
(रिपोर्ट: विनोद)
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