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कानपुर में टेंडर माफियाओं के सिंडिकेट का खुलासा, 3 लोग गिरफ्तार, मास्टरमाइंड गोविंद शर्मा फरार

 Written By: Rituraj Tripathi
 Published : Aug 26, 2026 11:12 pm IST,  Updated : Aug 26, 2026 11:12 pm IST

कानपुर नगर निगम के हर छोटे-बड़े टेंडर्स में माफियाओं की बड़ी गहरी पैठ थी। इस मामले में एक्शन लिया गया है और 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

Kanpur- India TV Hindi
3 लोग गिरफ्तार Image Source : REPORTER INPUT

कानपुर: कानपुर में टेंडर माफिया ने इस कदर भ्रष्टाचार किया कि सबको चौंका दिया। कानपुर नगर निगम के हर छोटे-बड़े टेंडर्स में इन माफियाओं का दखल होता था। टेंडर किसे मिलेगा, कितने का मिलेगा, कैसे मिलेगा, सब कुछ टेंडर माफिया तय करते थे।

इस सिंडिकेट में 10 से 12 कॉन्ट्रैक्टर शामिल थे। इनके खिलाफ कोई बोलने की हिम्मत नहीं करता था लेकिन कानपुर में नगर निगम के कामों पर जब सवाल उठा तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्ती दिखाई। म्युनिसिपल कमिश्नर ने जांच शुरु की। जांच में टेंडर माफियाओं के सिंडिकेट का खुलासा हुआ।

3 लोग गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है लेकिन मास्टरमाइंड गोविंद शर्मा फरार हो गया। इसके सिंडिकेट में संदीप जैन, रज्जन बाजपेई समेत 10 से 12 बड़े-छोटे ठेकेदार शामिल हैं। गोविंद शर्मा, फर्जी फर्मों का रजिस्ट्रेशन कराता था, ठेकों को मैनेज भी कराता था।

इसने कई ऐसी फर्मों का भी रजिस्ट्रेशन कराया, जिनके पास रोड कंस्ट्रक्शन जैसे कामों के लिए प्लांट और रिसोर्सेज तक नहीं थे। इन्हीं फर्मों को टेंडर प्रक्रिया में शामिल कराकर टेंडर लिया जाता था। इसमें 7 से 15 प्रतिशत तक कमीशनखोरी होती थी।

अब, सरकार की सख्ती के बाद शिकंजा कसा गया है तो टेंडर माफियाओं की गिरफ्तारी हो रही है। उनके 100 करोड़ से ज्यादा के पेंडिंग पेमेंट्स को होल्ड किया गया है। 10 से ज्यादा फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया गया है।

करप्शन को लेकर योगी आदित्यनाथ की नीति है बेहद सख्त

करप्शन को लेकर योगी आदित्यनाथ की नीति जीरो टॉलरेंस की है। जब योगी आदित्यनाथ को शिकायत मिली थी कि कानपुर नगर निगम में टेंडर माफिया का कब्जा है, टेंडर देने में नियम कानून की धज्जियां उड़ रही हैं तो योगी ने सख्ती दिखाई। जांच शुरु हुई। आज SIT की टीम भी जांच करने के लिए कानपुर पहुंची। अभी कुल 650 करोड़ के 275 टेंडर्स की जांच की जानी है। उम्मीद है कि किसी भी भ्रष्ट अधिकारी को नहीं छोड़ा जाएगा।

हालांकि योगी सरकार पहले भी भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त एक्शन ले चुकी है, जिससे ये माना जा रहा है कि टेंडरों के काम में माफियागीरी करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे और उन्हें सख्त सजा मिलेगी। 

इससे पहले बिहार में पटना टेंडर घोटाला सामने आया था, जिसमें IAS योगेश कुमार और अभिलाषा शर्मा सस्पेंड हुए थे। ठेकेदार के खर्चे पर विदेश गए थे।

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