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यूपीः मिर्ज़ापुर में अचानक कुत्ते की तरह भौंकने लगा किशोर, चलने और उठने-बैठने का अंदाज भी बदल गया

 Edited By: Mangal Yadav @MangalyYadav
 Published : Mar 14, 2026 04:23 pm IST,  Updated : Mar 14, 2026 07:06 pm IST

यूपी के मिर्जापुर में एक किशोर कुत्ता काटने के बाद एंटी-रेबीज इंजेक्शन की पूरा डोज नहीं लगवाया। इसकी वजह से कुत्ते की तरह भौंकने लगा है और उसका व्यवहार भी बदल गया है।

कुत्ते की आवाज में भौकने लगा किशोर- India TV Hindi
कुत्ते की आवाज में भौकने लगा किशोर Image Source : REPORTER

मिर्जापुर जिले के थाना कछवा क्षेत्र के जोगीपुरवा गांव में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां पर एक किशोर अचानक कुत्ते की तरह अचानक भौंकना शुरू कर दिया है। किशोर के पिता बच्चे को इलाज के लिए कभी अस्पताल ले जा रहा है तो कभी मंदिर ले जा रहा है। मामला थाना कछवा थाना के जोगीपुरवा गांव का है।

4 महीने पहले किशोर को काटा था कुत्ता

जानकारी के अनुसार, जोगीपुरवा गांव में भाईलाल का 17 वर्षीय बेटा 4 महीने पहले अपने ननिहाल गया हुआ था। वहां पर उसे एक कुत्ता ने काट लिया था। किशोर को एंटी-रेबीज इंजेक्शन का ननिहाल में लगाया गया था। दूसरा इंजेक्शन कछवां सीएचसी में लगाया गया। इसके बाद कोई इंजेक्शन परिवार वाले नहीं लगवाया, जबकि चार इंजेक्शन और लगना चाहिए था। परिवार की लापरवाही के कारण कक्षा आठवीं में पढ़ने वाले छात्र 4 महीने बाद कुत्तों की तरह आवाज निकालने लगा है। किशोर के चलने और बैठने का भी अंदाज बदल गया है।

मंदिर से लेकर अस्पताल तक चक्कर लगा रहे पिता

मामला तब सामने आया जब दिव्यांग पिता भाई लाल थाना कछवां क्षेत्र के जमुआ चौराहे पर स्थित श्री राम जानकी मंदिर और हनुमान मंदिर बेटे को लेकर उसे ठीक होने की मन्नते भगवान से मांग रहे थे। कुछ लोगो ने उसे बेटे को कुत्ते की तरह भौंकते देखा तो उसके पिता को इलाज कराने की सलाह दी, जिसे एम्बुलेंस की मदद से कछवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। 

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किशोर का जिंदा रहना बहुत मुश्किल, बोले- डॉक्टर

मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर व चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर पंकज पांडेय ने बताया कि इंजेक्शन का पूरा डोज न लगाने के कारण यह समस्या हुई है। इसे मेडिकल की भाषा में हाइड्रोफोबिया कहते हैं। इसमें रेबीज के लक्षण दिखने लगते हैं तो सांस की नली सिकुड़ने लगती है, जिससे आवाज कुत्ते की तरह आने लगती है। उसको पानी से भी डर लगेगा। इसमें बचने की संभावना न के बराबर है। इसलिए पूरी डोज लगवानी चाहिए।

रिपोर्ट- मेराज़ खान, मिर्ज़ापुर 

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