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UP: स्वास्थ्य केंद्र में रखी जलाई गईं 12 बोरी दवाइयां, अधीक्षक समेत दो कर्मचारियों के खिलाफ कड़ा एक्शन

 Published : Nov 02, 2025 06:56 pm IST,  Updated : Nov 02, 2025 07:02 pm IST

स्वास्थ्य केंद्र में जलाई गईं 12 बोरियां दवाइयों में से कई सिरप की बोतलें, इंजेक्शन एवं टैबलेट स्ट्रिप्स भी थे। ये सभी दवाइयां मरीजों के लिए बेहद जरूरी थे। स्वास्थ्य केंद्र के आरपियों के खिलाप एक्शन लिया गया है।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
सांकेतिक तस्वीर Image Source : FREEPIK

उत्तर प्रदेश में उन्नाव जिले के सफीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में स्वास्थ्य कर्मियों ने अस्पताल परिसर में लगभग 10 से 12 बोरी दवाइयां जलाईं, जिनमें वैसी कई जरूरी दवाएं भी शामिल थीं, जो 2026 तक इस्तेमाल लायक थीं। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। 

धुआं उठते दिखे पहुंची टीम

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉक्टर सत्य प्रकाश ने घटना का संज्ञान लेते हुए सीएचसी अधीक्षक और फार्मासिस्ट को हटाकर उन्हें सीएमओ कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, परिसर से उठता धुआं देखकर जब वे मौके पर पहुंचे तो वहां सिरप की बोतलें, इंजेक्शन एवं टैबलेट स्ट्रिप्स जलती हुई मिलीं। कुछ अधजली दवाओं पर अंकित तिथि से स्पष्ट हुआ कि दवाओं के उपयोग की तिथि समाप्त नहीं हुई थी। 

सूत्रों ने बताया कि जलाई गई दवाओं में कई आवश्यक दवाएं शामिल थीं, जिनका उपयोग मौसमी बीमारियों में सर्वाधिक होता है। सफीपुर सीएचसी में करीब 250 से 300 मरीज उपचार के लिए प्रतिदिन पहुंचते हैं, जिनमें से कइयों को इन्हीं दवाओं की जरूरत होती है। घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। 

तत्काल प्रभाव से हटाए गए अधिकारी

सीएमओ के निर्देश पर एसीएमओ डॉक्टर एच.एन. प्रसाद मौके पर पहुंचे और प्रारंभिक जांच शुरू की। सीएमओ डॉक्टर सत्य प्रकाश ने बताया कि इस मामले में सफीपुर सीएचसी प्रभारी डॉक्टर राजेश वर्मा और फार्मासिस्ट प्रेम शंकर को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है और जांच होने तक सीएमओ कार्यालय से सम्बद्ध कर दिया गया है। 

दवाइयों को जलाए जाने के बताया ये कारण

जब उनसे पूछा गया कि कुछ ऐसी दवाएं भी जला दी गईं हैं जिनकी ‘एक्सपायरी’ 2026 की है। इस पर उन्होंने कहा कि जांच हो रही है और संबंधित तथ्य सामने आ जाएंगे। इस बीच, विभागीय अधिकारियों ने बताया कि दवाओं के इस्तेमाल की अवधि समाप्त हों या नहीं, उन्हें इस तरह जलाना पूरी तरह गलत है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच चल रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। (भाषा के इनपुट के साथ)

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