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बाढ़ में टूटी सड़क पर पलटी नाव, बच्चों सहित 12 लोगों की पुलिस ने बहादुरी से बचाई जान

 Written By: India TV UP Bureau Desk
 Published : Oct 03, 2026 12:34 pm IST,  Updated : Oct 03, 2026 12:34 pm IST

फतेहपुर जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब एक नाव बाढ़ प्रभावित इलाके से बच्चों सहित 12 लोगों को लेकर किनारे जा रही थी तभी नाव बीच धारा में पलट गई और जिसके बाद स्थानीय लोगों और पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी को बाहर निकाला।

Fatehpur UP Police- India TV Hindi
फतेहपुर में नाव पलटने के बाद लोगों की जान बचाते पुलिस अधिकारी। Image Source : REPORTER INPUT

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब एक नाव बाढ़ प्रभावित इलाके से बच्चों सहित 12 लोगों को लेकर किनारे जा रही थी तभी नाव बीच धारा में पलट गई और सभी लोग डूबने लगे मौके पर चीख पुकार मच गई। बिंदकी तहसील के बाढ़ से कटे जाड़े का पुरवा-अवसेरी खेड़ा मार्ग पर 2 अक्टूबर की रात बड़ा हादसा होते-होते टल गया। गलाथा गांव से दंगल देखकर लौट रहे 12 लोगों से भरी नाव पलटने से सभी पानी में डूब गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी को सकुशल बाहर निकाल लिया। हादसे के बाद एसडीएम बिंदकी ने पूरे मामले की गहनता से जांच के आदेश दिए हैं।

गंगा के जलस्तर से बिगड़े हालात, नाव ही सहारा

फतेहपुर में इस घटना को लेकर जानकारी के अनुसार रात करीब 9 बजे अवसेरी खेड़ा और जाड़े का पुरवा निवासी हरेलाल, बालकृष्ण, अमर, कुंदन समेत 12 लोग डोंगी में बैठकर लौट रहे थे। इसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से नाव पलट गई और सभी लोग गहरे पानी में डूबने लगे। इससे लोगों में चीख-पुकार मच गई। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर होने के कारण जाड़े का पुरवा-अवसेरी खेड़ा मार्ग का बड़ा हिस्सा बह गया था। प्रशासन की ओर से यहां आवागमन के लिए नाव की व्यवस्था की जा रही थी, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर ना तो पर्याप्त नावें हैं और ना ही नाविक की व्यवस्था। लोग छोटी डोंगी या नाव से ही शहर पहुंचकर सामान खरीदने की मजबूरी में हैं।

अंधेरे में पुलिस का रेस्क्यू ऑपरेशन, टॉर्च की रोशनी में चली जान बचाने की जद्दोजहद

हादसा होते ही शोर सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे। गांव नाव पलटने की सूचना मिलते ही प्रशासन में भी हड़कंप मच गया। पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के साथ मिलकर रेस्क्यू शुरू किया। रात होने के कारण बचाव कार्य में काफी दिक्कत आई। टॉर्च और मोबाइल की रोशनी में बचाव कार्य चलता रहा। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि वर्दी पहने एक पुलिसकर्मी खुद कमर भर पानी में उतरकर एक बच्चे को गोद में उठाकर किनारे तक ला रहा है। ग्रामीणों ने भी जान जोखिम में डालकर सभी को बाहर निकाला। इस हादसे में कोई जनहानि ना होना राहत की बात है।

लापरवाही पर उठे सवाल, स्थायी समाधान की मांग

एसडीएम बिंदकी निशांत तिवारी ने बताया कि मौके पर नाव और नाविक तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद हादसा कैसे हुआ, इसकी गहनता से जांच कराई जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बाढ़ में यही स्थिति बनती है लेकिन प्रशासन स्थायी पुल या ऊंची सड़क का निर्माण नहीं करा रहा है। फिलहाल बच्चों सहित सभी 12 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और गांव में राहत की सांस ली गई है। वहीं इस मामले पर जिलाधिकारी से संपर्क किया गया लेकिन कोई जवाब नहीं मिल पाया।

(रिपोर्ट - उमेश चन्द्रा)

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