उत्तर प्रदेश में 11 सीटों पर हुए विधानसभा चुनाव के परिणाम सामने आ गए हैं। 11 में से 6 सीटों पर बीजेपी को जीत मिली है और 5 सीटों पर समाजवादी पार्टी को जीत मिली है। बता दें कि पिछली बार बीजेपी को 6 सीट मिली थी, इस बार भी 6 पर हैं। लेकिन पिछली बार से समाजवादी पार्टी को 2 सीट का फायदा हुआ है और ये दो सीट वाराणसी और लखनऊ हैं। यूपी की दो महत्वपूर्ण सीटों पर दोनों जगह MLC चुनाव में समाजवादी पार्टी की जीत हुई है। ऐसे में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव इस जीत से गदगद नजर आ रहे हैं। अखिलेश यादव ने इस चुनाव परिणाम को डबल इंजन की डबल हार करार दिया है।
ये डबल इंजन की डबल हार- अखिलेश
अखिलेश यादव ने कहा- "प्रिय मतदाताओं, भाजपा एक 'फ्लॉप शो' बन गई है। भाजपा वाले वाराणसी में पहले ‘काउंटिंग’ में हारे, फिर दोबारा ‘री-काउंटिंग’ में हारे, मतलब दो बार मतगणना हुई और दोनों बार भाजपा और उनके संगी-साथी हारे। ये डबल इंजन की डबल हार है। विधान परिषद के चुनावों में भाजपा की हार ने 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की प्रस्तावना लिख दी है। ये एक तरफ भाजपा की ‘शिक्षक, शिक्षार्थी व शिक्षा’ विरोधी नीतियों की हार है, तो दूसरी तरफ़ पढ़े-लिखे ‘बेरोजगार स्नातकों’ ने भी अपना फैसला सुना दिया है।"
PDA का जनाधार अब 95% हो गया- अखिलेश
अखिलेश यादव ने कहा- "भाजपा ने हर समाज को जिस तरह ‘पीड़ित, दुखी, अपमानित’ किया है, उससे सभी उत्पीड़ित एक साथ आ गए हैं। पीडीए का जनाधार अब 95% हो गया है, क्योंकि ‘जो पीड़ित, वो पीडीए’! इससे भाजपा में अस्तित्व का संकट शुरू हो गया है, क्योंकि भाजपा के अंदर तो सभी लोग जानते हैं कि जो सीटें भाजपा जीती भी है, वो भी हेराफेरी से जीती गई हैं। भाजपा की अंदरूनी फूट से डबल इंजन की टकराहट और बढ़ गई है। इसीलिए भाजपाई प्रत्याशी विधानसभा चुनाव लड़ने की हिम्मत पूरी तरह हार गए हैं। जो भाजपा अब तक प्रत्याशियों का सर्वे करा रही थी, वो अब दूरबीन लेकर प्रत्याशी ढूंढ़ रही है, पर कहीं कोई नजर नहीं आ रहा है। भाजपा की टिकट की खिड़की खाली है।"
हमारा कोई भी प्रत्याशी हारा नहीं है- अखिलेश
अखिलेश यादव ने कहा- "इस उत्साहवर्धक जीत के लिए उत्तर प्रदेश के परम आदरणीय शिक्षकगण व अपने भविष्य के लिए चिंतित युवाओं का हम हृदय से आभार प्रकट करते हैं कि उन्होंने न केवल हमें वोट दिया, बल्कि हमारे ‘पीडीए प्रहरियों’ के साथ यथासंभव निगरानी भी रखी और प्रमाणपत्र मिलने तक डटे रहे। हम अपने सभी जीते हुए प्रत्याशियों को बधाई देते हैं और उनको भी, जिनको चालबाजी-जालसाजी से हराया गया। दरअसल, हमारा कोई भी प्रत्याशी हारा नहीं है, बस वो भाजपाई हेराफेरी के आगे जीत नहीं पाया। हम उनका भी बराबर अभिनंदन करते हैं। हमारे लिए वे सब भी बिना सर्टिफिकेट के विजेता हैं। यही सजगता और एकजुटता 2027 में हमारी सरकार बनाने के लिए ‘निर्णायक नींव’ बनेगी। पुनः सभी मतदाताओं को कोटि-कोटि हार्दिक धन्यवाद!"
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