उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। इसी कड़ी में 24 अक्टूबर की दोपहर मीरापुर विधानसभा क्षेत्र के मोरना में आजाद समाज पार्टी की विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। जनसभा में आजाद समाज पार्टी के संस्थापक और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे जिन्होंने दोपहर करीब दो बजे मंच पर पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं और समर्थकों का अभिवादन किया और सभा को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार, चुनाव आयोग, ईवीएम और मतदाता सूची को लेकर कई सवाल उठाए।
गठबंधन और वोटों के बंटवारे पर क्या बोले चंद्रशेखर आजाद?
मीरापुर विधानसभा क्षेत्र से आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशी रविंद्र सिंह भाटी की ओर से आयोजित इस जनसभा में चंद्रशेखर आजाद ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी पार्टी की रणनीति के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के साथ गठबंधन के सभी रास्ते अभी खुले हुए हैं और उनकी कोशिश है कि विपक्षी वोटों का बंटवारा न हो। वहीं, उन्होंने मीरापुर उपचुनाव में पार्टी को मिले करीब 24 हजार वोटों का जिक्र करते हुए आगामी चुनाव में 50 हजार से अधिक वोट मिलने की उम्मीद जताई और रविंद्र भाटी की जीत का दावा किया। इसके साथ ही चंद्रशेखर आजाद ने किसानों के गन्ना मूल्य, युवाओं के रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के मुद्दे भी उठाए। उन्होंने चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग करते हुए कहा कि लोकतंत्र में निष्पक्ष चुनाव और जनता का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण है। चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दलितों, पिछड़ों, मुसलमानों, मजदूरों और किसानों को साथ लेकर एक मजबूत गठबंधन बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मीरापुर की राजनीतिक परिस्थितियों से सभी परिचित हैं और पिछले उपचुनाव में वोटों का बंटवारा देखने को मिला था। उनके मुताबिक, इस बार उनकी कोशिश रहेगी कि वोटों का बंटवारा न हो। उन्होंने इंडिया गठबंधन के दलों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके साथ मिलकर चुनाव लड़ने के सभी रास्ते खुले हुए हैं। चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि अभी गठबंधन को लेकर बातचीत और संभावनाओं के रास्ते बंद नहीं हुए हैं। उनका कहना था कि यदि विपक्षी दल मिलकर चुनाव लड़ते हैं तो वोटों का बंटवारा रोकने पर ध्यान देना होगा।
मीरापुर में 50 हजार से अधिक वोट मिलने की उम्मीद
जनसभा को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने पिछले उपचुनाव में आजाद समाज पार्टी को मिले वोटों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उपचुनाव के दौरान पार्टी को करीब 24 हजार वोट मिले थे। उन्होंने दावा किया कि यदि निष्पक्ष चुनाव होता है तो आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी को 50 हजार से अधिक वोट मिल सकते हैं। चंद्रशेखर आजाद ने मीरापुर से पार्टी प्रत्याशी रविंद्र सिंह भाटी की जीत का दावा भी किया। हालांकि, यह उनका चुनावी दावा है और वास्तविक स्थिति का पता चुनाव परिणाम आने के बाद ही चलेगा।
गन्ने का भाव 600 रुपये करने की मांग
चंद्रशेखर आजाद ने किसानों के मुद्दे पर केंद्र और प्रदेश सरकार को घेरते हुए गन्ने के मूल्य को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े नौ सालों में गन्ने के भाव में कितनी वृद्धि हुई है, सरकार को इसका जवाब देना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि जब चीनी का भाव 60 रुपये प्रति किलो तक हो सकता है तो गन्ने का मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल क्यों नहीं हो सकता? उन्होंने किसानों के हितों को लेकर सरकार से जवाब मांगा। इसके साथ ही उन्होंने बेहतर सरकारी स्कूल, मुफ्त शिक्षा, अच्छे अस्पताल, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने जैसे मुद्दे भी उठाए।
मतदाता सूची और एसआईआर पर उठाए सवाल
अपने संबोधन में चंद्रशेखर आजाद ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कुछ नामों और विवरणों का उदाहरण देते हुए मतदाता सूची की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कहा कि मतदाता सूची से जुड़ी विसंगतियों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने फॉर्म-6 को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि सरकार को इन मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। चंद्रशेखर आजाद ने पीलीभीत से सामने आ रही रिपोर्टों का हवाला देते हुए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की। उनके आरोपों पर संबंधित अधिकारियों या सरकार का पक्ष इस जनसभा में प्रस्तुत नहीं किया गया।
ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग
चंद्रशेखर आजाद ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की बुनियादी आवश्यकता है और जनता का विश्वास बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने पंचायत चुनावों में देरी का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि सरकार चुनाव कराने से बच रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों की मजबूती का आकलन चुनाव परिणामों से किया जा सकेगा। ये बातें उन्होंने अपने राजनीतिक संबोधन के दौरान कहीं।
जामिया और विपक्षी एकजुटता का भी किया जिक्र
चंद्रशेखर आजाद ने अपने भाषण में जामिया का जिक्र करते हुए वहां चुनाव कराने की मांग कर रहे विद्यार्थियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वह पीड़ितों से मिलते हैं और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मुद्दों पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं, हालिया एमएलसी चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने अलग-अलग चुनाव लड़कर अपनी स्थिति स्पष्ट की है और चुनाव परिणामों से राजनीतिक परिस्थितियों का आकलन किया जा सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी दलों को भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ एकजुट होकर चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर विचार करना चाहिए। फिलहाल, मोरना की इस जनसभा के जरिए आजाद समाज पार्टी ने मीरापुर विधानसभा क्षेत्र में अपनी राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी तैयारियों को सामने रखा। चंद्रशेखर आजाद के संबोधन में गठबंधन, किसान, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और चुनाव प्रक्रिया प्रमुख मुद्दे रहे। अब आगामी चुनाव में गठबंधन की तस्वीर क्या होगी और विभिन्न राजनीतिक दल किस रणनीति के साथ मैदान में उतरेंगे, इस पर सबकी निगाहें रहेंगी।
(रिपोर्ट - योगेश त्यागी)
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