उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कानपुर दौरे के दौरान समाजवादी पार्टी, अखिलेश यादव और विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। मीडिया से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी का राजनीतिक भविष्य पूरी तरह समाप्त हो जाएगा और भाजपा लगातार तीसरी बार प्रदेश में सरकार बनाएगी। इस दौरान उन्होंने राम मंदिर से जुड़े विवाद, ब्राह्मण सम्मेलन की राजनीति और छत्तीसगढ़ सरकार के हालिया फैसले पर भी खुलकर अपनी राय रखी।
'2027 में सपा चारों खाने चित होगी'
समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सपा का राजनीतिक जनाधार लगातार कमजोर हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन बेहद खराब रहेगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह पश्चिम बंगाल में कुछ राजनीतिक दलों की स्थिति कमजोर हुई है, उसी तरह 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी का भी बुरा हाल होगा। मौर्य ने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव की साइकिल अब सत्ता के गलियारों तक नहीं पहुंचेगी और केवल सैफई तक सीमित रह जाएगी।
'सपा के कई सांसद पार्टी छोड़ने को तैयार'
उपमुख्यमंत्री ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के भीतर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कई सांसद और नेता वर्तमान नेतृत्व से संतुष्ट नहीं हैं। मौर्य ने कहा कि सपा के लगभग 25 से 26 सांसद टूटने की स्थिति में हैं, लेकिन भाजपा किसी प्रकार की तोड़फोड़ की राजनीति नहीं कर रही है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव नजदीक आते-आते सपा के अंदरूनी मतभेद और अधिक खुलकर सामने आएंगे।
राम मंदिर पर उठ रहे सवालों का दिया जवाब
अयोध्या स्थित राम मंदिर में भ्रष्टाचार के आरोपों और दानपात्र को लेकर उठे सवालों पर उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राम मंदिर निर्माण में किसी प्रकार का भ्रष्टाचार नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि दानपात्र से जुड़े कुछ मामलों की शिकायतें मिली हैं, जिनकी जांच की जा रही है। यदि किसी व्यक्ति ने भगवान राम के नाम पर आए धन का दुरुपयोग किया होगा तो उससे एक-एक पैसा वापस लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तय है।
ब्राह्मण सम्मेलन की राजनीति पर साधा निशाना
अखिलेश यादव द्वारा प्रदेशभर में ब्राह्मण सम्मेलन आयोजित करने की रणनीति पर भी मौर्य ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि केवल सम्मेलन आयोजित करने से जनता का विश्वास नहीं जीता जा सकता। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी चाहे ब्राह्मण सम्मेलन करे, ठाकुर सम्मेलन करे या किसी अन्य वर्ग का सम्मेलन, प्रदेश की जनता अब जातीय राजनीति से ऊपर उठ चुकी है। लोग विकास, कानून व्यवस्था और सुशासन के आधार पर सरकार चुनना चाहते हैं।
'सकारात्मक सोच के साथ काम कर रही भाजपा'
मौर्य ने कहा कि भाजपा समाज को जोड़ने की राजनीति करती है, जबकि विपक्ष समाज को बांटकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को नकारात्मक राजनीति छोड़कर जनता के हितों के बारे में सोचना चाहिए। उनके अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में केंद्र और प्रदेश सरकार लगातार विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही हैं, जिसका लाभ हर वर्ग को मिल रहा है।
छत्तीसगढ़ सरकार के फैसले का किया स्वागत
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा स्कूलों में गायत्री मंत्र और हिंदू प्रार्थना को अनिवार्य किए जाने के फैसले का स्वागत करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे कदम बच्चों में नैतिक मूल्यों और संस्कारों को मजबूत करने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसमें नैतिक शिक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों का भी समावेश होना चाहिए।
भाजपा ने विकास के मुद्दे पर जनता का विश्वास जीता
मीडिया संवाद के दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने विश्वास जताया कि भाजपा विकास, सुशासन और कानून व्यवस्था के मुद्दों पर जनता का समर्थन लगातार हासिल कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है और इसी कारण वह भ्रम फैलाने वाली राजनीति कर रहा है। कानपुर में दिया गया उनका यह बयान आगामी विधानसभा चुनावों से पहले प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा का विषय बन गया है। खासकर सपा को लेकर की गई उनकी भविष्यवाणी और सांसदों के टूटने संबंधी दावे ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। (रिपोर्ट: अनुराग श्रीवास्तव)
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