यूपी के बलिया से सोनबरसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें महिला को फर्श पर बच्चे को जन्म देते देखा जा सकता है। इस वीडियो के सामने आने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जांच में चार लोगों को दोषी पाया और सभी का तबादला कर दिया गया है। इसके साथ ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर दोबारा ऐसा मामला सामने आता है तो दोषियों को सस्पेंड किया जाएगा।
बलिया में डॉक्टर और स्टाफ नर्स की लापरवाही के चलते प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला फर्श पर बच्चे को जन्म देने के लिए मजबूर हो गई थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो बवाल मच गया। इसके बाद सोनबरसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक सहित चार स्वास्थ्य कर्मियों का तबादला कर दिया गया है।
सीएमओ का बयान
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संजीव वर्मन ने कहा "सोनबरसा का मामला जैसे ही संज्ञान में आया, उसमें हमने टीम गठित कर दी थी। कल उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट दी है। मैं स्वयं भी सोनबरसा गया था। सोनबरसा में जो भी कर्मचारी तैनात थे, उस समय अनुपस्थित थे, अपने घरों में थे। उनको अस्पताल में रहना चाहिए था। उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनका स्थानांतरण किया गया है। अधीक्षक द्वारा लापरवाही बरती गई है, जो कि जांच रिपोर्ट में भी आया है। उन्होंने वहां कोई भी डॉक्टर का रोस्टर नहीं बनाया और ना ही गार्ड का रोस्टर बनाया, जो कि एक अनियमितता में आता है। उनका भी हमने वहां से तबादला कर दिया है। दो डॉक्टर और दो स्टाफ नर्स पर कार्रवाई हुई है। अस्पताल में ताला बंद होना लापरवाही का सबूत है।"
क्या है मामला?
उत्तर प्रदेश के बलिया से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का वीडियो सामने आया था, जिसमें महिला निर्धारित प्रसव कक्ष के बजाय अस्पताल के गेट के पास बच्चे को जन्म देती दिख रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. संजीव वर्मा ने बताया कि घटना शुक्रवार तड़के सोनबरसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुई। डॉ. वर्मा ने बताया, "महिला करीब दो बजे एंबुलेंस से अस्पताल पहुंची। हालांकि, उसे लेबर रूम ले जाने के बजाय एंबुलेंस चालक ने उसे अस्पताल के गेट के पास ही छोड़ दिया, जहां प्रसव हुआ।" मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय यादव के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच दल का गठन किया गया। जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है।
(बलिया से अमित कुमार की रिपोर्ट)