साइबर क्राइम पर काबू पाने के लिए नोएडा पुलिस ने शुक्रवार को एक वर्कशॉप का आयोजन किया। साइबर क्राइम पर किस तरह से कंट्रोल किया जाना चाहिए, पुलिस को किस तरीके की ट्रेनिंग दी जानी चाहिए, इसके अलावा कई कंपनियों के कर्मियों को बताया गया कि आपको अपना डेटा कैसे सुरक्षित रखना है? एडीजी जीके गोस्वामी ने इस बारे में इंडिया टीवी से खास बातचीत की और इस वर्कशॉप से जुड़ी पूरी जानकारी दी।
हर व्यक्ति के लिए डेटा प्रोटेक्शन जरूरी
एडीजी जीके गोस्वामी ने बताया कि आज गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट और यूपीएसआईएफएस लखनऊ के द्वारा संयुक्त रूप से वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इसमें न सिर्फ उद्यमी और व्यापारी बल्कि वकील, डॉक्टर और पत्रकार भी शामिल हुए। इसमें यह चर्चा की गई है कि आज का समय इंटरनेट, एआई और लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स का समय है। आज हर व्यक्ति के लिए डेटा का प्रोटेक्शन करना बहुत ही जरूरी है।
पैसे से भी ज्यादा बहुमूल्य है डेटा
उन्होंने कहा, "डेटा प्रोटेक्शन और साइबर सिक्योरिटी, दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। हमें यह समझना होगा कि हम किसके साथ डेटा को शेयर कर रहे हैं। आज के समय में पैसे से भी ज्यादा बहुमूल्य है डेटा, क्योंकि आप डेटा से पैसा कमाते हो। अगर हमारा डेटा कहीं भी चला गया तो हमारा बिजनेस चला जाएगा, हमारी निजता छिन जाएगी और इससे हमारा पूरा जीवन प्रभावित होगा। इसलिए इन बातों पर चर्चा हुई कि हमारी साइबर सिक्योरिटी कैसे की जाए, कैसे साइबर क्राइम से बचें और अगर हमारे साथ साइबर क्राइम हो जाता है तो उसे डिटेक्ट कैसे करें?
साइबर सुरक्षा के लिए क्या करें?
एडीजी जीके गोस्वामी ने कहा, "आज इस बात पर भी चर्चा हुई कि इससे बचाव के लिए हर कंपनी को जरूरी है कि डिजिटल ऑडिट कराना चाहिए, यह जरूरी पार्ट है। आपको पता चले कि हमारे सिस्टम में कमजोरियां कहां हैं? इसलिए थर्ड पार्टी ऑडिट कराना जरूरी है। डेटा रिस्क पर है, इसलिए डेटा का इंश्योरेंस कराना होगा। इसके अलावा डेटा के संरक्षण के लिए आपको अलग से विशेषज्ञ को हायर करना चाहिए। ऐसा नहीं करने पर बड़ा नुकसान हो सकता है और तब तक बहुत देर हो चुकी होगी।"
लखनऊ में भी हुआ था वर्कशॉप का आयोजन
बता दें कि इससे पहले उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फोरेंसिक साइंसेज (UPSIFS), लखनऊ ने 18 से 20 अगस्त 2025 तक 3 दिन की एक इंटरनेशनल वर्कशॉप का आयोजन किया था। इस कार्यशाला में साइबर अपराध, साइबर सुरक्षा, डिजिटल डेटा की सुरक्षा और इससे जुड़े कानूनी पहलुओं जैसे अहम और जटिल विषयों पर चर्चा हुई। देश-विदेश के विशेषज्ञों ने इन मुद्दों पर अपने विचार साझा किए थे। इस वर्कशॉप का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 18 अगस्त 2025 को किया था।