बेंगलुरु का ट्रैफिक जाम शहर की सड़कों और व्यस्त चौराहों तक सीमित नहीं है। अब यह रिहायशी सोसाइटियों के अंदर तक पहुंच गया है। शहर की एक महिला ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर यह हकीकत दिखा दी है। उन्होंने बताया कि शनिवार दोपहर दो बजे भी सोसाइटी के अंदर गाड़ियों की कतार लगी हुई थी और लोगों को बाहर निकलने में ही आधा घंटा लग गया।
इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @her_wandering_footprints नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो में उन्होंने अपने कमरे से नजारा फिल्माया। वीडियो में बाहर और पड़ोसी रिहायशी कॉम्प्लेक्स के अंदर दोनों जगह गाड़ियों का जाम साफ दिख रहा है। वे कहती हैं, “मेरे पिछले वीडियो में मैंने दिखाया था कि मेरी सोसाइटी कैसी दिखती है। तो यह मेरे कमरे से व्यू है। अभी दोपहर के दो बजे हैं गाइज, और देखो बाहर ट्रैफिक! शनिवार को दो बजे! और इस सोसाइटी के अंदर, जैसा आप देख सकते हो, ये छोटी कारें दिख रही हैं, यह ट्रैफिक सोसाइटी के अंदर है। बाहर निकलने के लिए भी ट्रैफिक में खड़ा रहना पड़ता है, और लोगों को सोसाइटी से बाहर निकलने में ही आधा घंटा लग गया। तो यह इस सोसाइटी का नेगेटिव पॉइंट है।”
कतार में इंतजार करते दिख लोग
वीडियो में दिखाया गया है कि निवासियों को मुख्य सड़क तक पहुंचने से पहले ही गाड़ियों की कतार में इंतजार करना पड़ रहा था। महिला के मुताबिक कुछ लोगों को सिर्फ कॉम्प्लेक्स से बाहर निकलने में करीब 30 मिनट लगे। यह दृश्य बेंगलुरु के बढ़ते ट्रैफिक संकट को रेखांकित करता है, जो अब बड़े रिहायशी इलाकों के अंदरूनी रास्तों तक फैल चुका है।
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
इस पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स की कुछ प्रतिक्रियाएं आई हैं, जिनमें से कई लोग एक आवासीय परिसर के अंदर यातायात देखकर आश्चर्यचकित थे।
एक यूजर ने लिखा, "बेंगलुरु का ट्रैफिक तो हद ही पार कर चुका है।"
दूसरे ने कहा, "बाहर निकलने में ही आधा घंटा लग जाता है?"
तीसरे ने टिप्पणी की, "अब तो सोसाइटियों में भी ट्रैफिक जाम हो जाता है।"
इसी हैरानी को दोहराते हुए एक और यूजर ने लिखा, "बाहर निकलने में ही आधा घंटा लग जाता है?"
बेंगलुरु के ट्रैफिक जाम की क्यों है चर्चा
बेंगलुरु को भारत की सिलिकॉन वैली कहा जाता है, लेकिन ट्रैफिक यहां की सबसे बड़ी समस्या बन चुका है। ऑफिस जाने-आने का समय घंटों में बदल जाता है। सिल्क बोर्ड, आउटर रिंग रोड, व्हाइटफील्ड जैसे इलाकों में जाम आम बात है। अब सोसाइटियों के अंदर भी यही हाल है तो निवासियों की परेशानी और बढ़ गई है। कई लोग कहते हैं कि बड़े अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में पार्किंग और एग्जिट पॉइंट्स की कमी के कारण अंदरूनी जाम लगता है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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