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Video : बच्चे को लेकर धुरंधर-2 देखने आई फैमिली को नहीं मिली एंट्री, भड़के परिवार ने थिएटर कर्मचारियों के साथ की हाथापाई

 Written By: Shaswat Gupta
 Published : Mar 28, 2026 12:21 pm IST,  Updated : Mar 28, 2026 12:21 pm IST

Video : सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में धुरंधर फिल्म देखने आए लोगों के बीच मारपीट होते हुए दिखाई दे रही है।

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मारपीट करते लोग। Image Source : X/@GHARKEKALESH

Video : आदित्य धर द्वारा निर्देशित और 19 मार्च को रिलीज हुई इस फिल्म को सीबीएफसी द्वारा अत्यधिक हिंसा के कारण 'केवल वयस्कों के लिए' प्रमाणपत्र दिया गया था, जिसके तहत वैध आईडी के बिना 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इसके बावजूद लखनऊ के एक मॉल में ऐसी घटना हुई जिसने लोगों को चौंका दिया है। दरअसल, एक परिवार को 'धुरंधर 2' (ए रेटिंग वाली ब्लॉकबस्टर एक्शन फिल्म) देखने के लिए इसलिए प्रवेश नहीं दिया गया क्योंकि वे अपने साथ एक बच्चा लाए थे। इसी बात से नाराज लोगों ने थिएटर प्रबंधन के कर्मचारियों के साथ जमकर हाथापाई की। घटना का वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर 'गलत परवरिश' को लेकर बहस छिड़ गई। 

एक्स पर सामने आया वीडियो 

इस वीडियो को एक्स पर @gharkekalesh नामक हैंडल से शेयर किया गया है। 24 सेकंड के एक वीडियो में, सिनेमा हॉल के अंदर तीन लोग एक-दूसरे को धक्का देते, घूंसे मारते और लात मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं काले-सफेद चेक वाली शर्ट पहने एक चौथा व्यक्ति बीच-बचाव करने और झगड़े को रोकने की कोशिश करता है। रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर फिल्म देखने आए अन्य दर्शक यह सब देखते रहे और अपने सामने हो रहे इस हंगामे का वीडियो बनाते रहे।

यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं 

एक यूजर ने ने लिखा कि, 'कला सभी के लिए इतनी सुलभ नहीं होनी चाहिए। (यह स्पष्ट करते हुए कि "सभी" से उनका तात्पर्य उन लोगों से है जो भीड़ की मानसिकता से प्रेरित हैं और कला के प्रति वास्तविक सम्मान या समझ नहीं रखते।) दूसरे यूजर ने माता-पिता की निंदा करते हुए तर्क दिया कि बच्चों को उनकी प्रारंभिक अवस्था में वयस्क हिंसा से अवगत कराना उनके मन में इसे सामान्य बना सकता है, जिससे वे आक्रामकता को शक्ति के साथ जोड़ने लग सकते हैं। उन्होंने पिता के व्यवहार को उनके स्वयं के निम्न मूल्यों का प्रतिबिंब बताया। कई और यूजर्स ने भारतीयों में भावनात्मक बुद्धिमत्ता की व्यापक कमी और अत्यधिक अहंकार को इसका कारण बताया और कलयुग का भी जिक्र किया, जबकि दूसरे ने बस यह सवाल उठाया कि जब 18 साल से कम उम्र के बच्चों पर प्रतिबंध स्पष्ट रूप से लिखा हुआ है तो माता-पिता बच्चों को लेकर क्यों आते हैं।

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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