उत्तर प्रदेश की वर्षीय दीक्षा जायसवाल की कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। Gen-Z की यह युवती पिछले नौ साल से चुपचाप गुल्लक, पुराने कपड़े के थैलों और छोटे-छोटे सोने के टुकड़ों में पैसे जमा करती रही। जुलाई 2026 में जब उन्होंने अपनी बचत खोली तो उसके बल पर उन्होंने अपने नाम पर जमीन का एक प्लॉट खरीद लिया। उनका मकसद साफ था—“खुद के लिए एक घर सजाऊं।”
बड़ी बहन की शादी के बाद ऐसे आया आइडिया
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @djmadgirl नामक हैंडल से शेयर किया गया है। बता दें कि, दीक्षा स्पोर्ट्स टीचर हैं। उनकी बचत की शुरुआत 2017 में हुई। उन्होंनेबताया कि समाज में लड़कियों को अक्सर यही कहा जाता है कि उनका असली घर कहीं और है पहले पिता का, फिर पति का। 2017 में अपनी बड़ी बहन की शादी के बाद की उन छोटी-छोटी असुरक्षाओं को देखकर उनके अंदर कुछ टूट गया। उन्होंने फैसला किया कि वे ऐसी जमीन खरीदेंगी जो सिर्फ उनकी हो।
इस तरह बचाए पैसे
वे कहती हैं, “मुझे जटिल निवेश या शेयर बाजार के बारे में कुछ नहीं पता था। मुझे सिर्फ अनुशासन पता था। जब भी स्पोर्ट्स टीचर के रूप में कमाई होती, उसका एक हिस्सा मिट्टी की गुल्लकों, पुराने कपड़े के थैलों और छोटे सोने के टुकड़ों में डाल देती। नौ लंबे सालों तक, चाहे जिंदगी कितनी भी लुभाती रही, मैंने उस जमा राशि को कभी नहीं छुआ।” जुलाई 2026 में 29 साल की उम्र में उन्होंने आखिरकार गुल्लकें तोड़ीं। फर्श पर सिक्कों के ढेर, नोटों के बंडल और सोने की बचत देखकर उन्हें अहसास हुआ कि उनकी चुपचाप की गई कुर्बानी रंग लाई है। उसी पैसे से उन्होंने अपने नाम पर प्लॉट खरीद लिया। वीडियो में वे गुल्लक से पैसे निकालती नजर आती हैं, फिर प्लॉट के कागजात पर साइन करती और जमीन पर खड़ी दिखाई देती हैं। वीडियो में लिखा आता है—“खुद के लिए एक घर सजाऊं।”
आत्मनिर्भरता की मिसाल बनीं दीक्षा
यह कहानी सिर्फ बचत की नहीं, बल्कि वित्तीय स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता की मिसाल है। कई युवा महिलाओं के लिए प्रॉपर्टी खरीदना अभी भी दूर का सपना लगता है, लेकिन दीक्षा ने साबित किया कि छोटी-छोटी रकम को लगातार जोड़कर बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। वीडियो वायरल होने के बाद लोग उनकी तारीफ कर रहे हैं। कई ने कहा कि इतने साल की बचत के बाद कार या फोन खरीदने के बजाय जमीन में निवेश करना समझदारी भरा फैसला है।
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
एक यूजर ने लिखा, "कितनी खूबसूरत!"
दूसरे ने कमेंट किया, "मेरे फीड पर सबसे समझदार इंसान। मुझे लगा था कि वो कोई कार, फोन या सोना खरीदेगी। उसकी सोच की मैं सराहना करता हूं। वो इतनी कम उम्र में इतनी समझदार है, और उसके विचार वाकई कमाल के हैं।"
एक तीसरे व्यक्ति ने कहा, "हे भगवान, यह तो बहुत अच्छा है। भगवान आपको आशीर्वाद दें और यह भूमि आपके लिए ढेर सारी खुशियाँ लाए।"
एक चौथे व्यक्ति ने लिखा, "रोजाना 500-200 कौन देता है मुझे तो 5-10 मिलते हैं।” युवती ने जवाब दिया, "कमाना पड़ता है कोई देगा तो नहीं होगा प्रिय।"
दीक्षा की यह उपलब्धि उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो छोटी कमाई से बड़े सपने देखते हैं। उन्होंने दिखाया कि स्टॉक मार्केट या फैंसी इन्वेस्टमेंट की जरूरत नहीं पड़ती—बस अनुशासन और धैर्य काफी है। उनकी कहानी याद दिलाती है कि अपनी जमीन, अपना घर सिर्फ पुरुषों का अधिकार नहीं। एक युवती अपनी मेहनत और बचत से भी इसे हासिल कर सकती है।
गौरतलब है कि, इससे पहले एक लड़की ने मां के दोबारा कॉलेज ज्वाइन करने पर वीडियो शेयर किया था जो काफी वायरल हुआ था।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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