भारत में रहने वाले लोगों के अंदर कोई और कला हो या फिर न हो, जुगाड़ू दिमाग लगाने की कला को होती ही है। लोग जब मुसीबत में पड़ते हैं या फिर कोई जरूरत पड़ती है तो ये दिमाग चलने लगता है और फिर ऐसा तरीका सामने आता है जो वाकई तारीफ के काबिल होता है। ऐसा ही कुछ तेलंगाना में देखने को मिला जहां के एक गांव के लोग बंदरों से काफी परेशान हो गए। अब अपने गांव को उन बंदरों से राहत दिलाने के लिए वहां के नव-निर्वाचित सरपंच साहब ने गजब का दिमाग लगाया। आइए आपको बताते हैं कि उन्होंने क्या किया और उससे क्या राहत मिली।
बंदरों के आतंक से परेशान हैं लोग
आपको बता दें कि तेलंगाना के निर्मल जिले के कदेम मंडल के लिंगपुर गांव के लोग पिछले 2-3 साल से बंदरों के आतंक से परेशान हैं। पहले गांव के लोगों ने चंदा करके पैसा इकट्ठा किया और बंदरों के आतंक को कम करने के लिए गांव में जगह-जगह पिंजरे लगवाए थे। कुछ बंदर इन पिंजरों में गिरे मगर पूरी तरह से समस्या का हल नहीं हुआ। इसके बाद वहां के नव-निर्वाचित सरपंच साहब ने गजब का दिमाग लगाया है और लोग अब उनके कोशिश की तारीफ भी कर रहे हैं।
सरपंच साहब खुद बन गए भालू
बंदरों के आतंक को कम करने और गांव के लोगों को राहत दिलाने के लिए नव-निर्वाचित सरपंच रंजीत ने अनूठा तरीका अपनाया। उन्होंने भालू का वेश धारण किया और गांव में घूमने लगे। अब बंदरों को क्या पता कि भालू के वेश में वो कोई इंसान है। बंदरों को तो वो भालू ही लगा और भालू को देखते ही बंदर भाग गए। गांव वाले इस अनोखे उपाय से बंदरों के आतंक को कम करने के लिए युवा सरपंच की खूब प्रशंसा कर रहे हैं। गांव के लोगों को यह तरीका काफी पसंद आ रहा है।
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