अमेरिका में रहने वाली एक भारतीय महिला ने विदेश में जीवन की एक दिलचस्प विडंबना को सोशल मीडिया पर साझा किया है। उन्होंने बताया कि भारत में रहते हुए वे अमेरिका जाने के लिए पैसे बचाती थीं, लेकिन अब अमेरिका में रहकर भारत घूमने के लिए बचत कर रही हैं। उनका यह वीडियो इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहा है और कई प्रवासियों की भावनाओं से मेल खा रहा है।
इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @american_desi_family नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो में महिला ने कहा, “क्या आप जिंदगी की इस विडंबना (या पाखंड) को देख रहे हैं? जब हम भारत में थे, तो अमेरिका आने के लिए पैसे बचाते थे। अब जब हम अमेरिका में हैं, तो भारत घूमने के लिए पैसे बचा रहे हैं। जब हम भारत में थे, तो हर वीकेंड पिज़्ज़ा और बर्गर खाने का मन करता था। अब अमेरिका में हर वीकेंड भारतीय रेस्टोरेंट ढूंढते हैं ताकि कहीं से भारतीय खाना मिल जाए। जब हम भारत में थे, तो अपने ही लोगों से प्राइवेसी चाहते थे। अब यहां अजनबियों के बीच अपने लोगों को खोज रहे हैं।”
हजारों भारतीयों की यही कहानी
यह अनुभव उन हजारों भारतीयों की कहानी है जो बेहतर करियर, शिक्षा या जीवनशैली के लिए विदेश जाते हैं। शुरुआत में पश्चिमी खान-पान, स्वतंत्रता और प्राइवेसी आकर्षक लगती है। लेकिन समय के साथ घर की याद, मातृभूमि का स्वाद और सांस्कृतिक जुड़ाव तेज हो जाता है। भारतीय खाना, त्योहारों का माहौल, परिवार और परिचित चेहरे अचानक सबसे कीमती लगने लगते हैं।
वीडियो में पता चले तीन बिंदु
महिला के वीडियो में तीन मुख्य बिंदु उभरकर आए हैं। पहला, यात्रा का लक्ष्य उल्टा हो जाना—पहले विदेश जाना सपना था, अब घर वापसी या विजिट के लिए बचत। दूसरा, खाने की पसंद में बदलाव—भारत में वेस्टर्न फूड की चाह, विदेश में देसी स्वाद की तलाश। तीसरा, सामाजिक जुड़ाव—पहले भीड़ और रिश्तेदारों से दूरी, अब अपने समुदाय की खोज। ये बदलाव कई प्रवासियों को महसूस होते हैं, चाहे वे अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन या खाड़ी देशों में हों।
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं विविध रहीं। कुछ यूजर्स ने इसे “irony” यानी विडंबना बताया, न कि hypocrisy। उन्होंने कहा कि यह स्वाभाविक है—जो पास होता है उसकी कीमत कम लगती है, दूर होने पर याद आती है। कई लोगों ने अपनी कहानियां शेयर कीं कि वे भी हर साल भारत ट्रिप के लिए प्लानिंग करते हैं और भारतीय रेस्टोरेंट या किराने की दुकानें ढूंढते रहते हैं। कुछ ने व्यावहारिक लाभों का जिक्र किया—बेहतर सैलरी, क्लीन एयर, सिस्टम और अवसर—जो उन्हें विदेश में रोकते हैं, भले ही भावनात्मक रूप से घर याद आए। एक यूजर ने लिखा कि, 'यह बात दिल को छू लेने वाली है।'
दूसरे ने लिखा कि, 'दूरी वाकई नजरिया बदल देती है।'
तीसरे यूजर ने लिखा कि, 'हम हमेशा उन चीजों को याद करते हैं जिन्हें हम पीछे छोड़ आते ।'
एक और ने लिखा कि, 'यह घर से दूर जीवन को बखूबी दर्शाता है।'
गौरतलब है कि, इससे पहले एक शख्स ने अमेरिका में 1 करोड़ के पैकेज की सच्चाई बताई थी।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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