विदेशी पर्यटकों और भारतीय यात्रियों के अनुभवों में भारतीयों की दयालुता और आतिथ्य बार-बार चर्चा का विषय बन रहा है। कई पर्यटक बताते हैं कि रास्ता भटकने पर स्थानीय लोग न सिर्फ रास्ता दिखाते हैं बल्कि खुद गंतव्य तक छोड़ने को तैयार हो जाते हैं। बीमार पड़ने पर पड़ोसी दवा लाकर देते हैं, बाढ़-आपदा में आम नागरिक बिना सोचे मदद के लिए आगे आते हैं। ट्रेन में भोजन बांटना, अजनबियों की मदद करना भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। ऐसा ही एक मामला इन दिनों चर्चा में आया है जिसमें एक शख्स 5 घंटे ट्रैवल करके महिला को उसका खोया हुआ डेबिट कार्ड लौटाने पहुंचा। महिला यात्री ने सोशल मीडिया पर अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि अकेले यात्रा करते समय केरल के एक छोटे से समुद्रतटीय शहर में एटीएम में उनका डेबिट कार्ड गलती से छूट गया था। उन्हें राजधानी पहुंचने के लगभग पांच घंटे बाद ही कार्ड के गुम होने का एहसास हुआ।
इंस्टाग्राम पर शेयर किया वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @indiawitkin नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो में महिला ने बताया कि, उसने संयुक्त राज्य अमेरिका में एक पैकेज भेजने के लिए डीएचएल कार्यालय का दौरा किया था और डीएचएल कर्मचारी के साथ फोन नंबरों का आदान-प्रदान किया था क्योंकि भारत में अधिकांश लेनदेन व्हाट्सएप के माध्यम से किए जाते हैं। महिला ने बताया कि नकदी निकालने के बाद कार्ड एटीएम के अंदर ही रह गया था। पोस्ट में यह भी बताया गया कि मौसम बहुत गर्म था और महिला ने पिछली रात कुछ शराब भी पी थी। कार्ड गुम होने का पता चलने पर महिला ने डीएचएल कर्मचारी को फोन किया और उससे एटीएम में कार्ड की जांच करने को कहा। चौबीस घंटे बाद, कर्मचारी को डेबिट कार्ड मशीन के ऊपर पड़ा मिला। हालांकि, एक और समस्या थी। महिला को 36 घंटे में भारत से रवाना होना था, और चूंकि रविवार था, इसलिए कार्ड भेजा नहीं जा सका।
इस तरह से भारतीय ने दिया दयालुता का परिचय
दावा है कि, उसी रात डीएचएल के कर्मचारी ने फोन किया और यात्री को बाहर आने के लिए कहा। पोस्ट के अनुसार, कर्मचारी अपने दो दोस्तों के साथ ऑटो रिक्शा में छह घंटे की यात्रा करके डेबिट कार्ड लौटाने के लिए व्यक्तिगत रूप से पहुंचा, इस तरह उसने अपनी छुट्टी के दिन 14 घंटे की कुल यात्रा पूरी की। यात्री ने बताया कि जब धन्यवाद के तौर पर पैसे देने की पेशकश की गई, तो कर्मचारी ने उन्हें लेने से इन्कार कर दिया। उसने कथित तौर पर कहा कि वह जानता है कि यात्री का बजट सीमित है और उसे पैसे अपने पास ही रखने चाहिए। यात्री ने पोस्ट के अंत में बताया कि डीएचएल कर्मचारी का नाम कृष्णा था।
यूजर्स ने दी प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया यूजर्स ने कार्यकर्ता के प्रयास की सराहना की। एक यूजर ने टिप्पणी की, 'भारतीय लोग वाकई बहुत दयालु हैं।'
दूसरे यूजर ने टिप्पणी की, 'भारत एक खूबसूरत जगह है।'
तीसरे यूजर ने लिखा कि, 'उम्मीद है कि उसकी यह दयालुता उसे वापस मिले।'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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