मुंबई महानगर की चमक-दमक और आलीशान अपार्टमेंट्स के बीच छिपे हुए हजारों चॉल्स की कठोर वास्तविकता से एक युवा मुंबई निवासी का सामना हुआ। जब मुंबई निवासी शख्स ने चॉल में एक रात बिताई, तो उन्हें अपने जीवन की सुविधाओं का असली मोल समझ में आया। अब उनकी ये पोस्ट काफी वायरल हो रही है। उन्होंने बताया कि इस अनुभव ने उनके दृष्टिकोण को पूरी तरह बदल दिया। तंग, एक कमरे वाले आवास और सार्वजनिक शौचालयों के लिए घंटों लंबी कतारों का सामना करने के बावजूद, निवासी ने कहा कि वे अपने जीवन के बारे में 'कभी शिकायत नहीं करेंगे।'
रेडिट पर वायरल हुई पोस्ट
इस पोस्ट को रेडिट पर @That-Replacement-232 नामक हैंडल से शेयर किया गया है। मुंबई के रहने वाले उस व्यक्ति ने बताया, 'मैं एक दूर के रिश्तेदार से मिलने चॉल गया था। चूंकि काफी रात हो चुकी थी, इसलिए उन्होंने मुझे रुकने के लिए कहा और मैं मान गया। वहां लोगों के रहने का तरीका देखकर मैं दंग रह गया। एक छोटे से कमरे में 5-6 लोग सोते हैं, कोई निजता नहीं, चारों ओर बहुत शोर। सबसे बुरा तब हुआ जब मैं सुबह उठा और मुझे शौचालय के लिए लाइन में खड़ा होना पड़ा। मुझसे आगे 10 लोग थे, हर कोई अपनी बाल्टी लिए हुए था। मुझमें लाइन में खड़े होकर शौचालय जाने की हिम्मत नहीं हुई, इसलिए मैंने उसे छोड़ दिया।' कठिन परिस्थितियों में रहने के बावजूद, निवासी ने कहा कि वे उन निवासियों की प्रतिक्रिया से आश्चर्यचकित थे जो स्थिति के साथ पूरी तरह से सहज प्रतीत हो रहे थे। वे बोले कि, 'सबसे दिलचस्प बात यह है कि चॉल में रहने वाले लोग वहां रहकर बहुत खुश हैं और वे हमेशा इस बात का गर्व करते हैं कि हम एक परिवार हैं और एक दूसरे की मदद करते हैं, फ्लैटों में रहने वाले लोगों के विपरीत।'

यूजर्स ने दी प्रतिक्रिया
जैसे ही यह पोस्ट वायरल हुई, पहले चॉलों में रह चुके लोगों ने कहा कि वे भी कभी वापस नहीं लौटेंगे क्योंकि वहां की स्थितियां बेहद खराब थीं। एक यूजर ने लिखा कि, 'जो लोग चॉल में गरीबी में पले-बढ़े और बाद में बेहतर, मध्यमवर्गीय जीवन शैली अपनाई, वे आपको बताएंगे कि चॉल की तुलना में सोसाइटी में जीवन कहीं अधिक आरामदायक होता है।'
दूसरे ने लिखा कि, 'दक्षिण मुंबई की एक चॉल में 30 साल रहा। अब एक अपार्टमेंट में शिफ्ट हो गया हूं। यकीन मानिए, चॉल में रहने की किसी की इच्छा नहीं होती। यह एक ऐसी स्थिति है जिससे हमें तालमेल बिठाना पड़ता है।'
तीसरे ने लिखा कि, 'मैं पूरी जिंदगी चॉल में रहा हूं, और मैं कहूंगा कि ये चॉल वाले लोग बाल्टी में बंद केकड़ों की तरह हैं। वे सोचते हैं कि उनकी चॉल ही एकमात्र दुनिया है। और चॉल में हर किसी का परिवार की तरह होना सरासर बकवास है।'
चौथे यूजर ने लिखा कि, 'मैंने अपने जीवन का अधिकांश समय एक चॉल में बिताया, मेरे करियर की शुरुआत धीमी रही और मुझे आर्थिक रूप से स्थिर होना पड़ा। उस जीवन से बाहर निकलने में मुझे काफी समय लगा। घर में शौचालय नहीं था, एसी नहीं था, निजता बिल्कुल नहीं थी। अब हालात काफी बेहतर हैं और मैं उस जीवन में कभी वापस नहीं जाना चाहूंगा।'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
ये भी पढ़ें -
Dogesh भाई का जॉब इंटरव्यू नहीं देखा तो क्या देखा! Viral Video पर यूजर्स भी जमकर ले रहे मौज