Patna Airport Helicopters Video: बिहार में 243 विधानसभा सीटों के लिए आज पहले चरण का मतदान संपन्न हुआ। बिहार ने आज वोटिंग के पुराने भी रिकॉर्ड तोड़ दिए। हालांकि, अभी दूसरे चरण का मतदान शेष है जिसके बाद 14 नवंबर को नतीजे घोषित होंगे। इसी चुनावी सरगर्मी के बीच एक वीडियो सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह पटना के जय प्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का है। इसमें हवाई पट्टी पर हेलीकॉप्टरों की एक कतार दिखाई दे रही है। वीडियो के रीट्वीट सेक्शन में यूजर्स के बीच भी जमकर बहस चल रही है।
एक्स पर वीडियो वायरल
इस वीडियो को एक्स पर @SushilS27538625 नामक हैंडल से शेयर किया गया है। इसे कैप्शन दिया गया है, 'ये पटना हवाई अड्डे पर बिहार चुनाव के लिए कतार में खड़े हेलीकॉप्टर हैं। अगर कोई कहता है कि भारत एक गरीब देश है, तो उसे रीबूट की ज़रूरत है।' इन दृश्यों ने एक्स पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ ला दी जिसमें यूजर्स ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं।
ग्रोक ने किया फैक्ट चेक
इस वीडियो के संदर्भ में एक यूजर ने इसकी सत्यता की पुष्टि के लिए चैटबॉट ग्रोक से पूछा। ग्रोक ने बताया कि वीडियो में दिख रहे हेलीकॉप्टर असली थे और पटना हवाई अड्डे पर खड़े थे। इसने बताया कि इन्हें बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए राजनीतिक दलों द्वारा किराए पर लिया गया था।
यूजर्स ने दी मिली-जुली प्रतिक्रियाएं
वीडियो को देखने के बाद यूजर्स ने मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दी हैं। इस पर एक यूजर ने लिखा कि, 'सड़कों के लिए न सही मगर खुशी है कि बिहार में अंततः अमेरिकी गुणवत्ता वाले हेलीकॉप्टर हैं!' दूसरे यूजर ने लिखा कि, 'भारत में राजनेता और शासक कभी गरीब नहीं रहे। ऐतिहासिक रूप से सामान्य नागरिक कभी अमीर नहीं रहे।' तीसरे यूजर ने लिखा कि, 'चुनाव के दिन हेलीकॉप्टर ट्रैफिक जाम से अधिक लोकतंत्र की कोई बात नहीं कहती।' चौथे यूजर ने लिखा कि, 'भारत गरीब नहीं है, लेकिन दुनिया के सबसे गरीब देशों में से एक लगता है, क्योंकि भ्रष्टाचार के माध्यम से कुछ लोगों ने बहुत सारा धन इकट्ठा कर लिया है।' पांचवे यूजर ने लिखा कि, 'पटना में हेलीकॉप्टरों की कतार खराब नहीं, बल्कि शक्तिशाली है।' छठे यूजर ने लिखा कि, 'लोकतंत्र का क्रियान्वयन महंगा लगता है, लेकिन बुनियादी ढांचा मजबूत है और यह एक अच्छी बात है।'
नोट: इस खबर में दी गई जानकारी रिपोर्ट्स पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।