भारतीय रेलवे के एयर-कंडिशन्ड कोचों में ठंडक न मिलने की शिकायतें अक्सर यात्री करते रहते हैं। कई बार इसे तकनीकी खराबी या रखरखाव की कमी माना जाता है। लेकिन हाल ही में एक रेलवे कर्मचारी द्वारा शेयर किए गए वीडियो ने इस समस्या का एक चौंकाने वाला पहलू उजागर कर दिया है। वीडियो में एसी डक्ट खोलने पर उसमें से यात्रियों द्वारा फेंका गया कचरा निकालते हुए दिखाया गया है। रेलवे के एसी रखरखाव कर्मचारी ने ट्रेन के डिब्बे के अंदर एक डक्ट को खोलकर एयर आउटलेट का निरीक्षण किया। अंदर जमा कचरे का ढेर निकला, जिसमें इस्तेमाल किए गए चाय के कप, चिप्स के पैकेट, टॉफी के रैपर और अन्य प्रकार का कूड़ा शामिल था। इस घटना ने सोशल मीडिया पर सिविक सेंस की कमी को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं जन्म दी हैं।
इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @arvindkharwarvlog नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो में कर्मचारी ने स्क्रूड्राइवर से डक्ट को खोला और फिर अंदर हाथ डालकर और कचरा बाहर निकाला। उसने बताया कि ऊपरी बर्थ पर यात्रा करने वाले यात्री कभी-कभी एयर आउटलेट को ढकने वाली छोटी ग्रिल को हटा देते हैं या क्षतिग्रस्त कर देते हैं और उस छेद का इस्तेमाल कचरा फेंकने के लिए करते हैं। उसने कहा कि डक्ट में फेंका गया कचरा समय के साथ जमा हो सकता है और हवा के प्रवाह को बाधित कर सकता है। इससे कंपार्टमेंट के अंदर कूलिंग प्रभावित हो सकती है। इस वीडियो में एसी कोचों के रखरखाव के एक ऐसे पहलू की झलक दिखाई गई है जिस पर अक्सर ध्यान नहीं दिया जाता। यात्रियों को लग सकता है कि अपर्याप्त कूलिंग एयर कंडीशनिंग सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण होती है, लेकिन कर्मचारी के प्रदर्शन से पता चला कि डक्ट्स में जमा कचरा भी वायु प्रवाह को कैसे प्रभावित कर सकता है।
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। यूजर्स ने यात्रियों के व्यवहार पर नाराजगी जताई। कमेंट सेक्शन में कई यूजर्स ने यात्रियों द्वारा एसी वेंट को कूड़ेदान की तरह इस्तेमाल करने की आलोचना की। कुछ अन्य लोगों ने सवाल उठाया कि यात्री वेंट तक कैसे पहुंच पाते हैं और सुझाव दिया कि बेहतर कचरा निपटान व्यवस्था से इस तरह के व्यवहार को रोका जा सकता है।
एक यूजर ने टिप्पणी की, "इस देश को सुधारा नहीं जा सकता।"
एक अन्य व्यक्ति ने लिखा, "नागरिकता की भावना बिल्कुल नहीं है।"
एक तीसरे यूजर ने कहा, "भारतीय किसी भी प्रीमियम सेवा के हकदार नहीं हैं।"
एक अन्य ने यात्रियों के नजदीक कूड़ेदान उपलब्ध कराने का सुझाव देते हुए लिखा, "हर सीट के पास एक कूड़ेदान देना चाहिए ताकि सबको न जाए।"
गौरतलब है कि, इससे पहले ट्रेन में गंदगी फैलाती महिला का वीडियो वायरल हुआ था जिस पर यूजर्स ने सिविक सेंस न इस्तेमाल न करने पर नाराजगी जाहिर की थी।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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