सोशल मीडिया पर दुबई की चमक-दमक, ऊंची इमारतें, लग्जरी कारें और आलीशान जीवनशैली अक्सर दिखती है। लेकिन एक भारतीय व्यक्ति ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर ऐसा वीडियो शेयर किया है, जो शहर के एक अलग और कठिन पहलू को उजागर करता है। ललित जोशी नाम के इस शख्स ने रात 9 बजे महज दो मिनट की पैदल दूरी तय करने के बाद खुद को पसीने से तरबतर दिखाया और कहा, 'उन लोगों से पूछिए जो भीषण गर्मी में काम करते हैं।'
इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @lj290497 नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो में ललित ने दुबई में काम करने की वास्तविकता के बारे में बात की। वीडियो में वे ड्यूटी खत्म करने के बाद अपने कमरे की ओर लौटते नजर आ रहे हैं। महज दो मिनट चलने के बावजूद उनके कपड़े पसीने से भीग गए हैं। वीडियो में वे कहते हैं, 'आप लोगों को लगता होगा कि दुबई में काम करना आसान है। भाई, यहां काम करना बिल्कुल आसान नहीं है। मैं अभी ड्यूटी से अपने कमरे तक सिर्फ दो मिनट पैदल चला हूं और मेरी हालत देखिए। अभी रात के 9 बज रहे हैं और यह हाल है। तो सोचिए जो लोग दिन में चिलचिलाती धूप में, खासकर कंस्ट्रक्शन लाइन में काम करते हैं, वे कैसे काम करते होंगे?'
दुबई की चमक के पीछे मेहनत और पसीना
कैप्शन में ललित ने लिखा, 'इंस्टाग्राम पर दुबई का लग्जरी साइड दिखता है। लेकिन असली दुबई को समझने के लिए उन लोगों से पूछो जो रोज मेहनत करके अपना घर चलाते हैं। मैं सिर्फ 2 मिनट ड्यूटी से रूम तक चला और पसीने से हालत खराब हो गई। और ये हाल रात के 9 बजे का है! अब सोचिए जो लोग दिन में धूप में, खासकर कंस्ट्रक्शन में काम करते हैं, उनकी मेहनत कितनी मुश्किल होती होगी। दुबई की चमक के पीछे हजारों लोगों की मेहनत और पसीना है।'
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
इस वीडियो को देखने के बाद कई लोगों ने इस पर प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक यूजर ने लिखा कि, 'भाई, मैं भी दुबई में हूं। यहां गर्मी बहुत तेज़ है।'
दूसरे यूजर ने लिखा कि, 'भाई, हमारा जहाज भी दुबई में है। गर्मी असहनीय है। इन परिस्थितियों में काम करना बेहद थका देने वाला है।'
तीसरे यूजर ने लिखा कि, 'हां, मैं आपसे सहमत हूं।'
चौथे यूजर ने लिखा कि, 'यह बिल्कुल सच है।'
गौरतलब है कि, इससे पहले इससे पहले एक भारतीय महिला ने दुबई आने वालों को काम से जुड़ी अहम सलाह दी थी। इसका वीडियो काफी वायरल हुआ था।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
ये भी पढ़ें -