अमेरिका में रह रहे बिहार मूल के युवक अरहम इश्तियाक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें उन्होंने बताया है कि 20 की उम्र और 40 की उम्र में भारत वापस लौटना पूरी तरह अलग अनुभव होता है। उन्होंने साफ कहा, “एनआरआई दो प्रकार के होते हैं।” यह वीडियो युवाओं और प्रवासियों के बीच नई बहस छेड़ रहा है।
इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @arham_987 नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो में अरहम ने बताया पहला प्रकार वे युवा हैं जो करीब 20 साल की उम्र में हाल ही में विदेश गए हैं और अभी करियर बनाने के संघर्ष में हैं। दूसरा प्रकार वे हैं जो 40 साल से ऊपर की उम्र के हैं, जिन्होंने विदेश में व्यवस्थित जीवन बना लिया है, बचत जमा कर ली है और संपत्ति खरीद ली है। इन दोनों के लिए भारत लौटने का मतलब और असर बिल्कुल अलग होता है।
20 बनाम 40 वर्ष के एनआरआई
40 की उम्र वाले एनआरआई के बारे में अरहम कहते हैं कि उनके पास पहले से वित्तीय स्थिरता होती है। वे बोले कि, 'तुम लोग यहां 2 करोड़ कमा रहे हो, वहां जाओगे तो 1 करोड़ कमाओगे। 'ऐसे लोगों के लिए भारत वापसी का आर्थिक झटका अपेक्षाकृत कम रहता है क्योंकि बचत और प्रॉपर्टी का बैकअप मौजूद होता है। वे आराम से रह सकते हैं। वहीं 20 की उम्र वाले युवाओं के लिए स्थिति बिल्कुल अलग है। अरहम होटल इंडस्ट्री से हैं। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए बताया कि भारत में होटल सेक्टर में 20,000 रुपये महीना कमाना भी मुश्किल था, जबकि अमेरिका में वे प्रतिदिन 20,000 रुपये से अधिक कमा रहे हैं। उनके लिए यह अंतर “बियॉन्ड द लेवल” है। युवाओं के करियर की शुरुआत में यह फर्क बहुत बड़ा हो जाता है।
'मेरा मकसद भारत को छोड़ने के लिए कहना नहीं...'
वीडियो के कैप्शन में अरहम ने और स्पष्ट किया कि 40 वर्ष की आयु के व्यक्ति के लिए, जिसके पास बचत, संपत्ति और आर्थिक स्थिरता है, भारत वापस जाना शायद उतना बड़ा बदलाव न लगे। लेकिन शुरुआती 20 की उम्र वाले व्यक्ति के लिए यह अंतर बहुत विशाल हो सकता है। उन्होंने जोर दिया कि उनका मकसद लोगों को भारत छोड़ने के लिए कहना नहीं है। बल्कि युवाओं को सलाह दी कि वे अपना कम्फर्ट जोन छोड़कर विदेश का अनुभव करें, फिर फैसला करें कि कहां बसना चाहते हैं। वे बोले कि, 'मैं यह नहीं कह रहा कि आप अपना देश हमेशा के लिए छोड़ दें। मैं कह रहा हूं कि जब आप युवा हों, तो अपने आराम के दायरे से बाहर निकलें। खोजबीन करें। संघर्ष करें। कमाएं। सीखें। देखें कि दुनिया कैसे काम करती है। फिर तय करें कि आप वास्तव में अपना जीवन कहां बनाना चाहते हैं।'
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
इस पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं। एक यूजर ने इश्तियाक से सहमति जताते हुए लिखा, "सही कहा भाई। हमें 'परिवार के साथ समय बिताने' का सौभाग्य नहीं मिला है, हमें एक ऐसी दौड़ में प्रतिस्पर्धा करनी है जहां हमसे सौ गुना ज्यादा बुद्धिमान लोग हैं।"
दूसरे यूजर ने लिखा कि, 'बिल्कुल सही।'
तीसरे ने लिखा कि, 'सर, आपको भारत छोड़ने का औचित्य साबित करने की जरूरत नहीं है।'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
ये भी पढ़ें -
इंग्लैंड में नाली साफ कराने के लिए 12 हजार का खर्च? भारतीय महिला ने बताई चौंकाने वाली सच्चाई; Video