हर देश के अपने रीति-रिवाज, सामाजिक नियम और लाइफस्टाइल होती है जो पहली बार आने वाले टूरिस्ट्स को अपरिचित लग सकती है। हाल ही में थाईलैंड की यात्रा करने वाली एक भारतीय महिला ने दक्षिण-पूर्वी एशियाई देश की अपनी यात्रा के दौरान अनुभव किए गए चार सबसे बड़े हैरतअंगेज बिंदुओं को साझा किया है। एक इंस्टाग्राम वीडियो में कंटेंट क्रिएटर श्रेया महेंद्रू ने थाई संस्कृति के चार पहलुओं के बारे में बताया जिन्होंने उन्हें सबसे ज्यादा आश्चर्यचकित किया।
इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @shreyamahendru_ नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो में महिला ने सबसे पहले कार्यालय में महिलाओं की उपस्थिति पर जोर दिया। वीडियो में उन्होंने कहा, 'सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यहां महिलाएं सचमुच सब कुछ संभाल रही हैं। छोटे व्यवसाय, खाने-पीने की दुकानें, तकनीकी कंपनियां, आप जो चाहें कह लें। कार्यबल में 60% से अधिक महिलाएं शामिल हैं।' इसके बाद उन्होंने मंदिरों में पहनावे के नियमों के बारे में बात करते हुए कहा कि उन्हें यह देखकर आश्चर्य हुआ कि खुले और बंद मंदिरों में कितना अलग व्यवहार किया जाता है। उन्होंने समझाया, 'जिस बात ने मुझे सबसे ज्यादा चौंकाया, वह यह है कि आप खुले मंदिरों में शॉर्ट्स और चप्पल पहनकर जा सकते हैं। किसी को कोई आपत्ति नहीं होती। कोई नैतिक रोक-टोक नहीं, कोई आलोचना नहीं। लेकिन बात यह है कि बंद मंदिरों में सभी एक ही नियमों का पालन करते हैं। बिना आस्तीन के टॉप, शॉर्ट्स और जूते-चप्पल पहनना मना है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप पुरुष हैं या महिला। सभी के लिए एक ही मानक लागू होते हैं।'
तीसरी और चौथी बात जिसने चौंकाया
महेंद्रू ने थाईलैंड के रेड लाइट इलाकों का भी जिक्र किया और कहा कि वे उनकी उम्मीद से कहीं ज्यादा खुलेआम दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे पता है यह बात अजीब लग सकती है, लेकिन यहां रेड लाइट इलाके छिपे हुए या संदिग्ध नहीं हैं। वे खुलेआम हैं। हमारी आदत से कहीं ज्यादा खुलेआम, और यह एक अजीब, अलग तरीके से सामान्य हो गया है।' उन्होंने जिस आखिरी बात पर ज़ोर दिया, वह थी बिना किसी का ध्यान आकर्षित किए मनचाहे कपड़े पहनने की आज़ादी। उन्होंने कहा, 'यह मेरी सबसे पसंदीदा बात है। आप जो चाहें पहन सकते हैं। क्रॉप टॉप, शॉर्ट स्कर्ट, टैंक टॉप। कोई उत्पीड़न नहीं, कोई घूरना नहीं, कोई सुरक्षा संबंधी चिंता नहीं। बस आज़ादी।'
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
इस वीडियो को लेकर ऑनलाइन मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं, जिसमें कई यात्रियों ने उनकी प्रतिक्रियाओं से सहमति जताते हुए थाईलैंड की सुरक्षा भावना और नियमों के समान रूप से लागू होने की प्रशंसा की है। एक यूजर ने लिखा कि, "मेरा पसंदीदा देश होने का एक कारण है!"
दूसरे न लिखा कि, "मैं आपसे पूरी तरह सहमत हूं। बैंकॉक में मुझे कभी अजनबी जैसा महसूस नहीं हुआ और मैं बहुत स्वतंत्र महसूस कर रहा था।"
तीसरे यूजर ने कहा, "थाईलैंड पूरी तरह से प्यार से भरा है... चाहे शहर हों या द्वीप।"
चौथे ने लिखा कि, "सहमत हूं... बैंकॉक में दोपहर 1 बजे के बाद अकेले गाड़ी चलाते समय भी कभी असुरक्षित महसूस नहीं किया। यहां का खाना और लोग बहुत अच्छे हैं।"
पांचवें ने लिखा कि, "बिल्कुल सही, यह देखकर आश्चर्य हुआ कि बहुत कम पुरुष काम कर रहे थे और लगभग हर जगह महिलाएं काम कर रही थीं। ऐसा लगता है कि परिवार में महिलाएं ही मुख्य कमाने वाली हैं।"
वहीं एक अन्य ने लिखा कि, "यह निश्चित रूप से अधिक साफ है।"
गौरतलब है कि, इससे पहले 'भारत छोड़कर थाईलैंड शिफ्ट होना फायदे का सौदा है या नहीं...' शीर्षक से कपल ने वीडियो शेयर किया था जो कि काफी वायरल हुआ था।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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