American Tourist Video : एक अमेरिकी महिला ने बिना बीमा या अपॉइंटमेंट के मात्र 26 डॉलर (2,451 रुपये) में प्रिस्क्रिप्शन कॉन्टैक्ट लेंस खरीदे। भारत में बेहद आसान और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं से वो इतनी इंप्रेस हुई कि उसने भारत की जमकर तारीफ की। 'भारत में बिना अपॉइंटमेंट के कॉन्टैक्ट लेंस खरीदना' शीर्षक वाले एक इंस्टाग्राम वीडियो में आइवी नाम की यूजर ने अमेरिका से सीखने का आग्रह किया है। उन्होंने ऑप्टिकल स्टोर जाकर प्रिस्क्रिप्शन चश्मे ऑर्डर करने का अपना अनुभव साझा किया, जो उन्हें बहुत कम कीमत पर तुरंत मिल गए।
इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहा वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @ivymoon14 नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो के कैप्शन में टूरिस्ट ने कहा कि, 'मैं भारत में एक ऑप्टिक्स की दुकान पर गई और बिना बीमा का इस्तेमाल किए 26 अमेरिकी डॉलर में प्रिस्क्रिप्शन वाले कॉन्टैक्ट लेंस लेकर निकली! अमेरिका, कृपया इससे सीख लें।' वीडियो में आइवी ने बताया कि उन्होंने अपने साथ कॉन्टैक्ट लेंस का सिर्फ एक पेयर ही रखा था, जिसके चलते उन्हें दूसरा खरीदना पड़ा। मॉल में एक दुकान तक 20 मिनट पैदल चलकर जाने में उन्हें बस अपना प्रिस्क्रिप्शन दिखाना था और उन्हें वहां से नया लेंस मिल गया। वे बालीं कि, 'मैंने उन्हें अपने इस्तेमाल किए जाने वाले ब्रांड का प्रिस्क्रिप्शन दिया है, इसलिए मुझे लगता है कि वे कुछ लेंस लेने ही वाले हैं। स्टोर ने कहा है कि सोमवार रात तक उनके मनचाहे लेंस उपलब्ध हो जाएंगे।' आइवी ने बताया कि स्टोर ने उसे और बॉक्स खरीदने पर अतिरिक्त छूट देने की पेशकश की थी, लेकिन उसने एक ही बॉक्स खरीदा और सोमवार को उसे तुरंत मिल गया। आगे वे बोलीं कि, 'मुझे खुशी है कि मैं भारत में किसी भी ऑप्टिकल स्टोर में जाकर कॉन्टैक्ट लेंस खरीद सकती थी, क्योंकि अमेरिका में ऐसा करना संभव नहीं है, खासकर इसलिए क्योंकि मैंने कोई बीमा नहीं कराया था। मुझे 26 डॉलर में तीन जोड़ी मिले, क्या यह सस्ता सौदा है, या यह सामान्य कीमत है? मुझे नहीं पता।'
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
इस पोस्ट के वायरल होते ही इस पर कई यूजर्स की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। सोशल मीडिया के अधिकांश यूजर्स यह जानकर हैरान रह गए कि अमेरिकियों को कॉन्टैक्ट लेंस खरीदने के लिए बीमा की आवश्यकता होती है।
दूसरे ने लिखा कि, 'अरे यार, मैं तो यूं ही चश्मे की दुकान पर जाकर ये काम करवा लेता हूं। जैसे कि लेंस को टाइट करवाना और एडजस्ट करवाना। और वो ये सब मुफ्त में कर देता है।'
तीसरे ने लिखा कि, 'कॉन्टैक्ट लेंस के लिए बीमा की ज़रूरत होना मेरे लिए बिल्कुल अजीब बात है।।'
चौथे ने लिखा कि, 'मुझे नहीं पता था कि दूसरे देशों में प्रिस्क्रिप्शन कॉन्टैक्ट लेंस खरीदने के लिए अपॉइंटमेंट या बीमा की आवश्यकता होती है।'
अमेरिकी मेडिकल व्यवस्था एक स्कैम
इस महीने की शुरुआत में, एक और अमेरिकी महिला ने भारत से मात्र 25 डॉलर में 1,000 डॉलर की दवा खरीदने के बाद अमेरिकी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को घोटाला करार दिया था। विक्टोरिया नाम की इस महिला ने बताया कि उसके बीमा प्रदाता ने उसकी आवश्यक दवा का खर्च उठाने से इनकार कर दिया। इसके चलते उसे अपनी जेब से भारी भरकम बिल का भुगतान करना पड़ा। राहत तब मिली जब उसे सलाह दी गई कि वह दवा सीधे एक भारतीय निर्माता से मंगवा सकती है। विक्टोरिया ने कहा, 'अमेरिका में इस दवा के लिए मुझे अपनी जेब से 1,000 डॉलर खर्च करने पड़ते, लेकिन मैंने इसे 25 डॉलर में खरीद लिया। जी हां, सिर्फ छह छोटी गोलियों के लिए, 1,000 डॉलर अपनी जेब से, क्योंकि मेरा बीमा इसे कवर नहीं कर रहा था।' उस महिला ने बताया था कि, 'अमेरिका में आम लोगों को स्वास्थ्य सेवा प्रणाली द्वारा पूरी तरह से धोखा दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अतिरिक्त पैसा आखिर जा कहां रहा है।'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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