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कुछ ट्रेनों के इंजन में 'हावड़ा' या 'गाज़ियाबाद' क्यों लिखा होता है? समझने में भूल करते हैं तो जवाब जान लें

 Written By: Shaswat Gupta
 Published : Sep 03, 2026 10:19 am IST,  Updated : Sep 03, 2026 10:19 am IST

सोशल मी​डिया पर रेलवे से जुड़े कई चौंकाने वाले तथ्य आए दिन वायरल होते रहते हैं। इसी कड़ी में आज हम आपको ट्रेन के इंजन से जुड़ो एक रोचक तथ्य बताएंगे।

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ट्रेन का इंजन। Image Source : INDIANRAILINFO

रेलवे प्लेटफॉर्म पर खड़े होकर आपने कभी न कभी ट्रेन का इंतजार तो किया ही होगा। उस दौरान आपने ट्रेन के आने पर उसके इंजन भी गौर किया होगा। अगर, आपने गौर किया हो तो कुछ इंजन पर हावड़ा या गाज़ियाबाद लिखा होता है। ये देखकर कई लोगों को लगता है कि से इंजन जहां बनता है उस जगह का नाम लिखा होता है या इसे लोग ट्रेन का स्टार्टिंग या अंतिम स्टेशन भी समझ लेते हैं। जबकि, सच्चाई कुछ और ही है। यदि आप भी लोको पायलट वाले कंपार्टमेंट में बाहर हावड़ा या गाज़ियाबाद लिखा देखकर कन्फ्यूज होते हैं तो आज हम आपको ​इसे लिखने की वजह के बारे में बता देते हैं। 

कुछ ट्रेनों के इंजन में 'हावड़ा' या 'गाज़ियाबाद' क्यों लिखा होता है

दरअसल, इंजन पर लिखा किसी जगह का नाम उसके 'होम शेड' यानी लोको शेड से संबंधित होता है। गौरतलब है कि, प्रत्येक लोकोमोटिव इंजन किसी न किसी लोको शेड से जुड़ा होता है। लोको शेड वो जगह होती है जहां पर सभी इंजनों का नियमित मेंटेनेंस, रिपेयरिंग, क्लीनिंग, पेंटिंग और ओवरहॉलिंग का काम होता है। किसी इंजन पर 'हावड़ा' लिखने का आशय है कि, उक्त इंजन का रख-रखाव हावड़ा स्थित लोको शेड में हुआ है। इसी तरह 'गाज़ियाबाद' लिखने का आशय है कि, उसका मेंटनेंस गाज़ियाबाद लोको शेड में होता है।  

फेसबुक पर शेयर किया गया वीडियो

संदर्भ के लिए बता दें कि, फेसबुक पर एक वायरल वीडियो @KumarJha नामक हैंडल से शेयर किया गया था। इसमें भी यही बताया गया है कि ट्रेन के लोकोमोटिव इंजन पर हावड़ा लिखा है तो इसका ये मतलब नहीं ट्रेन का इंजन वहां बनता है बल्कि, इसका मतलब है कि ट्रेन का रख-रखाव वहां होता है।  

लोको शेड क्या होते हैं 

बता दें कि, रेलवे लोन में कई लोको शेड्स का निर्माण किश जाता है। ये दो तरह के होते हैं- डीजल लोको शेड और इलेक्ट्रिक लोको शेड। दोनों ही तरह के लोको शेड में सैकड़ों इंजन रखे जाते हैं। हावड़ा और गाज़ियाबाद की बात चली है तो ये भी जान लें कि, हावड़ा शेड कोलकाता और पूर्वी क्षेत्रों की ट्रेनों के लिए और गाज़ियाबाद शेड दिल्ली क्षेत्र की ट्रेनों के लिए कार्य करता है।

ट्रेन की बॉडी में कहां-कहां लिखा होती है जगह

 ट्रेन का इंजन जब किसी को खींचने के लिए प्रस्थान करता है तो उसके बॉडी पर होम शेड का नाम स्पष्ट लिखा होता है। ये नाम इंजन के आगे, पीछे और साइड में लिखा होता है। इससे रेलवे कर्मचारियों को ये पता करने में मदद मिलती है कि इंजन किस शेड का है और उसके मेंटेनेंस की जिम्मेदारी किसके पास है। 

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