Interesting Facts: देश-दुनिया में जब भी कोई बड़ा और विशेष आयोजन किया जाता है तो आपने गौर किया होगा कि VIP लाल रंग के कालीन पर चलते हुए नजर आते हैं, जिसे Red Carpet कहा जाता है। कांस फेस्टिवल से लेकर वैश्विक नेताओं की मुलाकात तक लगभग हर बड़े इवेंट में VIP इस रेड कार्पेट पर वॉक करते हैं जो उनकी पर्सनालिटी में कहीं न कहीं चार चांद लगा देता है। अब सवाल ये उठता है कि मशहूर हस्तियों के बिछाया जाने वाला कार्पेट हमेशा लाल रंग का ही क्यों होता है ? इसका रंग पीला, नीला, हरा, गुलाबी ही क्यों होता है ? VIP को स्पेशल फील कराने के लिए लाल रंग को ही क्यों चुना गया ? इसके पीछे क्या वजह थी, इसका क्या इतिहास था, ये रंग कहां से आया ? ऐसे तमाम सवालों के जवाब आज हम आपको बताएंगे जो कि आपने संभवत: अब तक न सुने हों।
मेहमानों के लिए बिछा रेड कार्पेट।

दैवीय शक्ति का प्रतीक: रेड कार्पेट
eventsfantastic की रिपोर्ट के मुताबिक, 458 ईसा पूर्व में लिखे गए प्राचीन यूनानी नाटक के राजा अगामेम्नन जब ट्रोजन युद्ध से लौटते हैं, तो उनके लिए एक लाल कालीन बिछाया जाता है। उस समय लाल कालीन केवल देवताओं के लिए ही होते थे और वे उन पर चलते थे ताकि वे मनुष्यों की तरह ज़मीन को न छूएं। चूंकि रेड कार्पेट पर चलना केवल देवताओं के लिए आरक्षित था और उस पर चलने का मतलब था कि कोई खुद को देवताओं जितना या उससे भी ज्यादा शक्तिशाली समझता है जो कि बिलकुल मना था। खुद को देवता से ज़्यादा शक्तिशाली समझने के अगामेम्नन के अहंकार के कारण, घर पहुंचने पर उसकी हत्या कर दी जाती है।
रेड कार्पेट।

पहली बार कब बिछा था रेड कार्पेट
कई रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि, औपचारिक तौर पर रेड कार्पेट का इस्तेमाल पहली बार साल 1821 में हुआ था, जब तत्कालीन राष्ट्रपति जेम्स मुनरो के स्वागत में यह बिछाया गया था। उसके बाद साल 1902 में रेड कार्पेट का इस्तेमाल न्यूयॉर्क में न्यू एक्सप्रेस ट्रेन के यात्रियों के लिए किया गया था। 1920 के बाद से यह हॉलीवुड और फैशन इवेंट में कॉमन हो गया। 1920 के दशक के बाद से, रेड कार्पेट का उपयोग हॉलीवुड और फैशन की दुनिया में एक परंपरा बन गई जो अब भी बदस्तूर जारी है।
मेहमानों का इंतजार।

कार्पेट का कलर Red ही क्यों ?
ऐसा माना जाता है कि लाल रंग हमेशा से धन, सुख-संपत्ति और संपन्नता का प्रतीक रहा है। प्राचीन समय में लाल रंग का कपड़ा बनाने में काफी लागत आती थी जो केवल धनाड्य लोगों के ही बस की बात थी। यहां तक राजा—महाराजाओं के दौर में भी लाल रंग ही धन का प्रतीक हुआ करता था। लाल रंग इतिहास में कई कारणों से राजघरानों से जुड़ा रहा है, जिनमें से एक इसकी दुर्लभता है।
रेड कार्पेट पर चलती महिला।

परंपरा से ग्लैमर तक
रेड कार्पेट आज मशहूर हस्तियों और आम जनता के लिए आकर्षक आयोजनों में शामिल होने का एक प्रवेश द्वार है। यह सदियों से विकसित हुआ है और विभिन्न संस्कृतियों ने इसमें अपनी-अपनी विशेषताएं जोड़ी हैं। प्राचीन समय में रेड कार्पेट का इस्तेमाल शाही समारोहों में किया जाता था फिर पुनर्जागरण काल में जब यह राजघरानों से जुड़ा फिर इसके बाद रेड कार्पेट आधुनिक समय में हॉलीवुड के ग्लैमर का हिस्सा बन गया। हालांकि, रेड कार्पेट वॉकवे की मूल अवधारणा ग्रीक मूल की है।
रेड कार्पेट के साथ इवेंट की शुरुआत।

भारत में पहली बार रेड कार्पेट
भारत की बात करें तो रेड कार्पेट को लेकर ऐसा कोई औपचारिक दावा नहीं मिलता है। मगर, कई रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि साल 1911 में दिल्ली दरबार में पहली बार रेड कार्पेट तत्कालीन वॉयसरॉय लॉर्ड हार्डिंगे ने किंग जॉर्ज वी के लिए यह बिछवाया था। यह दरबार लाल किले में लगा था और उस वक्त इसके लिए खास व्यवस्था की गई थी और लाल किले के अंदर जंगल को साफ करवाया गया था और किंग जॉर्ज वी के साथ क्वीन मैरी के लिए यह इस्तेमाल किया गया। हालांकि अब किसी विदेशी मेहमान के लिए राष्ट्रपति भवन, लोकसभा और राज्यसभा में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है।
रेड कार्पेट पर फोटोशूट कराते गेस्ट।

सेलिब्रटीज रेड कार्पेट पर क्यों चलते हैं
आपने गौर किया होगा कि, ऑस्कर जैसे कई अवॉर्ड शो में रेड कार्पेट पर सेलिब्रटीज का बेसब्री से इंतजार होता है। रेड कार्पेट ग्लैमर और हॉलीवुड के सबसे बड़े सितारों का प्रतीक है। हाई-प्रोफाइल इवेंट्स में मशहूर हस्तियों के आने के तरीके में समय के साथ काफी बदलाव आया है। मशहूर हस्तियां मीडिया और अपने प्रशंसकों का ध्यान खींचने के लिए लाखों डॉलर खर्च करती हैं। लोकप्रिय संस्कृति में रेड कार्पेट की प्रमुखता के अलावा, यह मशहूर हस्तियों, डिज़ाइनरों और मीडिया के लिए भी संपर्क का एक केन्द्र रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह किसी सेलिब्रिटी की दूर से दिखाई देने वाली छवि बनाकर उसे बनाने या बिगाड़ने में मदद करता है। लोग अवॉर्ड शो में आने से पहले रेड कार्पेट पर इसलिए चलते हैं क्योंकि यह उन आयोजनों का एक अभिन्न अंग है। सेलिब्रिटीज के लिए रेड कार्पेट पर चलना जरूरी नहीं है, लेकिन वे अपनी उपस्थिति दर्ज कराने और अपने प्रशंसकों से जुड़ाव महसूस करने के लिए ऐसा करते हैं। इसके अलावा, रेड कार्पेट मनोरंजन उद्योग का एक अभिन्न अंग बन गया है। रेड कार्पेट सिर्फ एक कार्पेट नहीं है यह ब्रांड वैल्यूज को दिखाने और याद किए जाने का एक मौका है, भले ही उस पल के लिए ही सही, जब आप उस पर चलते हैं। रेड कार्पेट एक मंच है, लोगों के लिए आपके रूप-रंग के बारे में बात करने का एक मौका इसीलिए सितारे अपनी छाप छोड़ने के लिए इस पर चलते हैं।
नोट: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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