एक 26 वर्षीय महिला ने रेडिट पर डेस्टिनेशन वेडिंग के खर्च को लेकर सवाल उठाया है, जिससे पारंपरिक रीति-रिवाजों और आधुनिक समानता की बहस छिड़ गई है। महिला और उनके मंगेतर दोनों 26 साल के हैं। वे एक रिसॉर्ट में डेस्टिनेशन वेडिंग प्लान कर रहे हैं। महिला ने पूछा कि शादी का खर्च कौन उठाए और क्या 50-50 में बांटना उनके ससुराल वालों की बेइज्जती होगी।
रेडिट पर पूछा गया सवाल
रेडिट पर इस सवाल को महिला ने r/AskIndianMen सबरेडिट पर u/Fabulous_Appeal_2344 हैंडल से पोस्ट किया, जिसका टाइटल था “क्या शादी के खर्चों को आपस में बांट लेना चाहिए??” उन्होंने लिखा, “मैं (26/F) और मेरे मंगेतर एक डेस्टिनेशन वेडिंग कर रहे हैं, जिसके लिए हम एक रिसॉर्ट बुक कर रहे हैं। मुझे यह जानना है कि शादी का खर्च कौन उठाएगा? हम इस खर्च को आपस में कैसे बांट सकते हैं? साथ ही, क्या 50/50 के हिसाब से खर्च बांटना ठीक रहेगा, या क्या इससे मेरे ससुराल वालों को बुरा लग सकता है?” महिला ने सवाल किया, “मेरे ससुराल वालों की सोच यह है कि शादी का खर्च दुल्हन के परिवार को उठाना चाहिए, जो कि पारंपरिक रूप से सच भी है। लेकिन, हमारे यहाँ तिलक समारोह, मेहंदी पार्टी, संगीत पार्टी और कॉकटेल नाइट जैसे कार्यक्रम हैं, जिनमें दोनों पक्षों के मेहमान शामिल होंगे; तो फिर सारा खर्च सिर्फ दुल्हन के परिवार को ही क्यों उठाना चाहिए? मुझे सलाह चाहिए।”

रेडिट पर यूजर्स ने दिए जवाब
यह पोस्ट वायरल हुई और रेडिट यूजर्स ने अलग-अलग राय दीं। एक कमेंटर ने कहा कि दुल्हन के परिवार से शादी का खर्च लेना डाउरी के अलावा कुछ नहीं है। उन्होंने लिखा, 'शादी का खर्च दुल्हन का परिवार उठाता है। यह और कुछ नहीं, बल्कि दहेज है! एकदम साफ बात है।'
दूसरे यूजर ने खर्च और झगड़े से बचने के लिए सेलिब्रेशन की संख्या कम करने का सुझाव दिया। यूजर ने सेरेमनी को एक ही इवेंट में मिलाने की सलाह दी और कहा कि दूल्हे का परिवार अगर कोई एक्स्ट्रा फंक्शन करना चाहे तो उसका पेमेंट कर सकता है।
तीसरे यूजर ने लिखा कि, 'यह लव है या अरेंज्ड? अगर यह लव है, तो फाइनेंस से बात करें, अगर यह अरेंज्ड है तो अपने माता-पिता और मंगेतर से बात करें।'
चौथे यूजर ने लिखा कि, 'काम के हिसाब से बांटो या बराबर बांटो।'
पांचवें यूजर ने लिखा कि, ' उन इवेंट्स के लिए 50/50 जो आप दोनों चाहते हैं। दूसरों के लिए, जो पार्टी उन फंक्शन्स को चाहती है, उसे पे करना चाहिए। और नहीं, दुल्हन के परिवार का हर चीज के लिए पे करना मजाकिया है और इसे अक्सर दहेज के मामलों में सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। दूल्हे के परिवार को घास छूनी चाहिए।'
गौरतलब है कि, इससे पहले शादी के लिए ट्रेन का पूरा डिब्बा बुक करने वाली फैमिली का वीडियो वायरल हुआ था।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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