कोलकाता. चक्रवाती तूफान Amphan पश्चिम बंगाल पर कहर बनकर टूटा है। इस तूफान ने राज्य में अबतक 72 लोगों की जान ले ली है। राजधानी कोलकाता में 15 लोगों की मौत हो चुकी है। सीएम ममता बनर्जी ने तूफान में जिन लोगों की मौत हुई है, उनके परिजनों को 2.5 लाख रुपये मदद का ऐलान किया है।
हजारों मकान हुए नष्ट
आपको बता दें कि कोलकाता समेत पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में तबाही मचाने वाले अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान ‘अम्फान’ की वजह से हजारों मकान नष्ट हो गए और निचले इलाकों में पानी भर गया। कोलकाता और अन्य प्रभावित जिलों के बड़े हिस्सों में बिजली गुल है क्योंकि वहां बिजली के खंभे उखड़ गए। तूफान से कई संचार टावरों को नुकसान पहुंचने के कारण मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं भी बंद हैं।
जान-माल के नुकसान का आकलन करना अभी जल्दबाजी होगी- अधिकारी
राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि जान-माल के नुकसान का आकलन करना अभी जल्दबाजी होगी क्योंकि इससे सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों तक पहुंचना अभी संभव नहीं है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार अम्फान पिछले 100 वर्षों में राज्य में आया सबसे प्रचंड तूफान है। भारी बारिश और 190 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ चक्रवात बुधवार को दोपहर ढाई बजे पश्चिम बंगाल के दीघा तट से टकराया जिससे राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश हुई।
अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम बंगाल के उत्तर और दक्षिण 24 परगना जिलो में चक्रवात के कारण भारी बारिश और तूफान आने से खपरैल वाले मकानों के ऊपरी हिस्से तेज हवाओं में उड़ गए, पेड़ एवं बिजली के खम्भे उखड़ गए और निचले शहरों एवं गांवों में पानी भर गया। कोलकाता में 125 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं ने कारों को पलट दिया और पेड़ एवं खम्भे उखड़कर गिर जाने से कई अहम रास्ते बाधित हो गए।
पश्चिम मिदनापुर और हुगली जिलों में धान की फसल पूरी तरह बर्बाद
राज्य के कृषि विभाग के अनुसार बर्दवान, पश्चिम मिदनापुर और हुगली जिलों में धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। एनडीआरएफ और राज्य आपदा राहत बल (एसडीआरएफ) के दल सड़कों को साफ करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य में जुटे हैं। पेड़ों के उखड़ने से बाधित हुई सड़कों को साफ करने के लिए भारी मशीनों को काम में लगाया गया है। जिले के कई आश्रय गृहों में लोगों को भोजन के लिए धक्कामुक्की करते और कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण बने सामाजिक दूरी के नियमों को ठेंगा दिखाते हुए देखा गया। राज्य सरकार ने पांच लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।