Highlights
- सौगत रॉय बोले, कई बागी नेता बीजेपी के साथ खुद को सहज महसूस नहीं कर रहे।
- TMC सांसद ने दावा किया, कुछ नेताओं से उनकी बातचीत भी हो चुकी है।
- NCPI के तीन सांसदों के NDA बैठक से दूर रहने के बाद अटकलें तेज हुईं।
कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने दावा किया है कि पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी समर्थित NDA के साथ गए कई बागी नेता अब वहां खुद को सहज महसूस नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं से उनकी बात भी हुई है और यदि वे वापस लौटते हैं तो यह अच्छी बात होगी। सौगत रॉय ने कहा, 'मैंने उनमें से कुछ लोगों से बात की है। वे बीजेपी में सहज महसूस नहीं कर रहे हैं। हो सकता है कि उन पर वहीं बने रहने का दबाव या डर हो। अगर वे वापस आते हैं तो यह अच्छी बात होगी। मैंने इस बारे में अपनी पार्टी के नेताओं से भी बात की है।' हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि उन्होंने किन नेताओं से बातचीत की है।
NCPI के 3 सांसदों की गैरमौजूदगी से बढ़ी चर्चा
सौगत रॉय का यह बयान ऐसे समय आया है जब नेशनल सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया यानी कि NCPI के 3 सांसद अबू ताहेर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान मंगलवार को आयोजित NDA की 'मंगल मिलन' बैठक में शामिल नहीं हुए। यह पहली बार था जब NCPI को केंद्र में सत्तारूढ़ गठबंधन की बैठक में शामिल होना था। 3 सांसदों की गैरमौजूदगी के बाद राजनीतिक गलियारों में मतभेद की अटकलें तेज हो गईं। हालांकि NCPI ने पार्टी में किसी भी तरह के मतभेद की अटकलों को खारिज किया, लेकिन तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि ये तीनों सांसद BJP के नेतृत्व वाले NDA के साथ नहीं जाना चाहते।
सौगत रॉय ने पहले भी किया था बड़ा दावा
सौगत रॉय ने शुक्रवार को भी कहा था कि उन्हें जानकारी मिली है कि अबू ताहेर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान NDA में शामिल नहीं होना चाहते। उन्होंने कहा,
'मुझे बताया गया कि वे NDA में नहीं जाना चाहते और बीजेपी के साथ भी नहीं रहना चाहते। इसी वजह से उन्होंने बैठक का बहिष्कार किया। बातचीत चल रही है, लेकिन अभी कुछ भी तय नहीं हुआ है। जब उन्होंने तृणमूल कांग्रेस छोड़ी थी, तब यह तय नहीं था कि वे बीजेपी में जाएंगे। अब उनके लिए अपने समुदाय को जवाब देना भी मुश्किल होता जा रहा है।'
जानें आखिर क्या है NCPI से जुड़ा पूरा मामला?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद पार्टी के 20 बागी सांसदों ने TMC छोड़ दी थी। बाद में उन्होंने NCPI नाम की एक गुमनाम सी पार्टी का दामन थाम लिया और कहा कि उनकी पार्टी केंद्र में बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA का समर्थन करेगी। अब NCPI के तीन सांसदों के NDA की बैठक में शामिल नहीं होने और TMC सांसद सौगत रॉय के दावों के बाद एक बार फिर इन नेताओं की संभावित वापसी को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। फिलहाल न तो इन नेताओं की वापसी पर कोई आधिकारिक फैसला हुआ है और न ही किसी पक्ष की ओर से इसकी औपचारिक पुष्टि की गई है। (ANI से इनपुट्स के साथ)
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