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पश्चिम बंगाल SIR पर EC की सुप्रीम कोर्ट में बड़ी मांग, हर लोकसभा सीट पर बने ट्रिब्यूनल

 Reported By: Atul Bhatia,  Written By: Malaika Imam
 Published : Sep 21, 2026 11:03 am IST,  Updated : Sep 21, 2026 11:08 am IST

पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के SIR को लेकर विवाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। आयोग ने कहा है कि बड़ी संख्या में अपीलें लंबित हैं, इसलिए हर लोकसभा सीट के लिए एक ट्रिब्यूनल बनाया जाए।

पश्चिम बंगाल SIR मामला- India TV Hindi
पश्चिम बंगाल SIR मामला Image Source : FILE (PTI)

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर हर लोकसभा सीट के लिए एक ट्रिब्यूनल बनाने की मांग की है। आयोग ने कहा है कि SIR से जुड़ी बड़ी संख्या में अपीलें लंबित हैं और इनके तेजी से निपटारे के लिए अतिरिक्त ट्रिब्यूनल की जरूरत है। 

चुनाव आयोग के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में अब तक करीब 38.3 लाख SIR अपीलें दाखिल की जा चुकी हैं। इनमें से 10 सितंबर तक करीब 1.26 लाख अपीलों पर फैसला हुआ। आयोग ने बताया कि इन मामलों में 1,13,943 लोगों के नाम दोबारा मतदाता सूची में शामिल किए गए। यानी जिन अपीलों पर अब तक फैसला हुआ, उनमें 90 फीसदी से ज्यादा मामलों में नाम वापस जोड़ने के पक्ष में रहे।

आयोग की ओर से दिए गए 24 जिलों के आंकड़ों के अनुसार, करीब 22.2 लाख अपीलें उन लोगों ने दाखिल की हैं, जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे। वहीं, करीब 16.1 लाख अपीलें ऐसे लोगों के नाम शामिल किए जाने के खिलाफ हैं, जिन्हें अपीलकर्ताओं ने गलत तरीके से मतदाता सूची में शामिल बताया है। 

नाम हटाने के मुद्दे पर EC का जवाब

बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के दावों पर चुनाव आयोग ने कहा कि केवल हटाए गए नामों की संख्या के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम काटे गए। आयोग के अनुसार, हटाए गए नामों में अनुपस्थित, दूसरी जगह चले गए, मृत और डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम भी शामिल हैं।

चुनाव नतीजों पर असर के दावे को EC ने नकारा

आयोग ने उन दावों को भी खारिज किया है कि SIR के दौरान हटाए गए नामों की संख्या कई सीटों पर जीत के अंतर से ज्यादा थी और इससे चुनाव नतीजों पर असर पड़ा। चुनाव आयोग ने कहा कि विपक्ष इस दावे के लिए एक गलत और अनुमान पर आधारित पैमाने का इस्तेमाल कर रहा है। आयोग ने कुछ ऐसी लोकसभा सीटों का उदाहरण भी दिया है, जहां TMC उम्मीदवारों की जीत का अंतर हटाए गए नामों की संख्या से कम था। हालांकि, उपलब्ध आंकड़ों में कुछ सीटों पर हटाए गए नामों और जीत के अंतर के आंकड़े करीब दिखाई देते हैं। बता दें कि इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने ECI को SIR के दौरान पश्चिम बंगाल की वोटर लिस्ट से हटाए गए लोगों की अपीलों के निपटारे की जानकारी देने का निर्देश दिया।

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