दिलीप घोष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर SIR प्रक्रिया को रोकने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। बीजेपी नेता ने कहा कि उनका एकमात्र एजेंडा एसआईआर को रोकना है, लेकिन ऐसा नहीं होने वाला है।
अब हर चुनाव में महिलाओं को लुभाने के लिए सभी पार्टियां नीतियां बना रही हैं। महिलाओं के खाते में सीधे पैसा भेजने वाली योजनाओं के कारण पांच चुनाव जीते जा चुके हैं। महिलाएं सरकार बनाने में निर्णायक भूमिका निभा रही हैं, लेकिन पहले चुनाव में महिलाएं अपना नाम तक नहीं बता रहीं थीं।
‘‘कोई भी शक्ति निरंकुश नहीं हो सकती।’’ सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की है। चुनाव आयोग फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं के एक समूह की अंतिम सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने यह बात कही।
भारत के सबसे बड़े और सबसे अमीर नगर निगम बीएमसी के लिए वोटिंग 15 जनवरी को होगी और रिजल्ट 16 जनवरी 2026 को आएंगे। वोटर लिस्ट में आपका नाम है या नहीं, ऐसे कर लें चेक...
यूपी में SIR की ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद बीजेपी एक्टिव मोड में है और एक महीने में 4 करोड़ नए वोटर बनाने की कोशिश में जुट गई है।
इस बार स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR प्रक्रिया के बाद 2.89 करोड़ नाम कम होने से सियासी हलकों से लेकर आम लोगों तक चिंता बढ़ गई है। यूपी में फाइनल वोटर लिस्ट 6 मार्च को जारी होगी। इससे पहले आज से लेकर 6 फरवरी तक आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं।
चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश में SIR से जुड़ी तारीखों में बड़ा अपडेट किया है। इसे लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सवाल उठाए हैं।
चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश में SIR से जुड़ी तारीखों में बदलाव किया है। आइए जानते हैं कि प्रक्रिया में क्या नया अपडेट है।
असम में SIR के बाद 10.56 लाख वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। असम के लिए चुनाव आयोग ने ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी है।
उत्तर प्रदेश में एसआईआर के जो आंकड़े सामने आए हैं। उनमें पता चला है कि लखनऊ की 9 विधान सभा सीट में मलिहाबाद और मोहनलालगंज में सबसे ज़्यादा 83-83 फीसदी फॉर्म भरे गए हैं।
चुनाव आयोग ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ में SIR के आंकड़े जारी कर दिए हैं। SIR में राज्य की वोटर लिस्ट से 27 लाख से ज्यादा नाम हटाए गए हैं। आइए जानते हैं कि छत्तीसगढ़ में कुल वोटर्स की संख्या कितनी मिली है।
मध्य प्रदेश में SIR की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के जारी होने के बाद जो आंकड़ा सामने आया है, वह चौंकाने वाला है। मध्य प्रदेश में 42 लाख से ज्यादा वोटर्स के नाम मतदाता सूची से कटे हैं।
निर्वाचन आयोग ने तमिलनाडु में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के आंकड़े जारी कर दिए हैं। सामने आई जानकारी के मुताबिक, तमिलनाडु में इस प्रक्रिया के तहत 97 लाख वोटर्स के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं।
पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दिया गया है, जिसमें सीएम ममता बनर्जी के विधानसभा क्षेत्र भवानीपुर से 45 हजार वोटरों के नाम कट गए हैं। टीएमसी ने कहा है कि वो दोबारा इसकी जांच करेगी।
मतदाता पुनरीक्षण के बाद एसआईआर की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी गई है जिसमें 58 लाख लोगों के नाम कट गए हैं। अगर आपका नाम भी इस मतदाता सूची में नहीं है तो परेशान ना हों, जानें आपको क्या करना होगा?
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव अगले साल होंगे लेकिन उससे पहले मतदाता पुनरीक्षण के बाद आंकड़े जारी कर दिए गए हैं। आंकड़ों के मुताबिक कुल 58 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है।
चुनाव आयोग ने SIR को लेकर एक और बड़ा फैसला किया है। आयोग ने 8 राज्यों में की विशेष रोल पर्यवेक्षकों यानी SRO की नियुक्ति की है। आइए जानते हैं कि SIR की प्रक्रिया में क्या होगा SRO का काम।
पश्चिम बंगाल में SIR को लेकर अपडेट ये है कि चुनाव आयोग ने राज्य में कुल 1 लाख 37 हजार 575 वोटरों की पहचान 'फर्जी' के तौर पर की है। इसके अलावा, 57 हजार 509 और लोगों को 'अन्य' लिस्ट में रखा गया था, उन्हें भी बाहर किया गया।
यूपी, एमपी, गुजरात समेत 6 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशोें में SIR प्रक्रिया की तारीख को आगे बढ़ा दिया है। आइए जानते हैं कि चुनाव आयोग ने अब किस तारीख की समय सीमा तय की है।
मतदाता सूची में चल रहे SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) के बीच मतदाता अब ये भी चेक कर सकते हैं कि उनके फॉर्म को BLO ने चुनाव आयोग के पोर्टल पर अपलोड किया है या नहीं।
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