पश्चिम बंगाल में SIR के बाद मतदाता सूची में बड़ा बदलाव आया है, जिसमें महिला मतदाताओं की संख्या में पुरुषों की तुलना में कमी देखी गई है। राज्य में एसआईआर प्रक्रिया नवंबर 2025 से शुरू हुई और फरवरी 2026 में अंतिम सूची जारी हुई।
पश्चिम बंगाल में एसआईआर के बाद फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है। इस वोटर लिस्ट में 5.46 लाख वोटरों के नाम हटाए गए हैं।
राजस्थान में पंचायती राज चुनाव के लिए मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है जिसमें कुल चार करोड़ से अधिक मतदाता हैं जो मताधिकार का प्रयोग करेंगे। जानें प्रदेश में पंचायत चुनाव कब होंगे?
पश्चिम बंगाल में चल रही एसआईआर प्रक्रिया पर सूबे की सीएम ममता बनर्जी ने विरोध जताया था। वह कोर्ट में भी आ पहुंची थीं। वहीं, अब सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल में चल रहे एसआईआर प्रक्रिया पर बड़ा फैसला लिया है।
पिछले साल 27 अक्टूबर से SIR प्रक्रिया शुरू हुई है। तब इन 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 21.45 करोड़ पंजीकृत वोटर्स थे। अब यह संख्या घटकर 19.75 करोड़ रह गई है।
चार महीने तक चली एसआईआर प्रक्रिया के बाद 21 फरवरी 2026 को छत्तीसगढ़ की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई। नई वोटर लिस्ट में आपका नाम है या नहीं, वेबसाइट पर जाकर या इन तरीकों से आप अपना नाम चेक सकते हैं। जानें कैसे?
राजस्थान में वोटर लिस्ट की अंतिम प्रकाशन में 10,48,605 मतदाताओं की वृद्धि हुई, जो 2.08 प्रतिशत है। ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद 12,91,365 नए मतदाता जोड़े गए हैं।
चुनाव आयोग की ओर से देश के 22 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR कराने की तैयारी की जा रही है। आयोग द्वारा इसके लिए इन प्रदेशों तैयार रहने को कहा गया है।
चुनाव आयोग ने असम राज्य के लिए विशेष पुनरीक्षण की फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी है, इस नई लिस्ट में 2.495 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम शामिल है। किस वजह से वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं नाम, कैसे और कहां चेक करें अपना नाम?
असम विधानसभा चुनाव से पहले अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। राज्य में अब कुछ पंजीकृत मतदाता 2.49 करोड़ हैं। ड्राफ्ट के मुकाबले मतदाताओं की संख्या में कमी आई है।
देश के कई राज्यों में SIR को लेकर चल रही विवादित परिस्थितियों के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में वकील बनकर हस्तक्षेप करने की कोशिश की। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने उन्हें करारा झटका दिया।
तेलंगाना में SIR की प्रक्रिया शुरू किए जाने की तैयारी की जा रही है। चुनाव आयोग की टीम बूथ लेवल एजेंट के साथ बैठर कर रही है। साथ ही स्थानीय पार्टी नेताओं के साथ भी चुनाव आयोग ने बैठक की है।
दिलीप घोष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर SIR प्रक्रिया को रोकने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। बीजेपी नेता ने कहा कि उनका एकमात्र एजेंडा एसआईआर को रोकना है, लेकिन ऐसा नहीं होने वाला है।
अब हर चुनाव में महिलाओं को लुभाने के लिए सभी पार्टियां नीतियां बना रही हैं। महिलाओं के खाते में सीधे पैसा भेजने वाली योजनाओं के कारण पांच चुनाव जीते जा चुके हैं। महिलाएं सरकार बनाने में निर्णायक भूमिका निभा रही हैं, लेकिन पहले चुनाव में महिलाएं अपना नाम तक नहीं बता रहीं थीं।
‘‘कोई भी शक्ति निरंकुश नहीं हो सकती।’’ सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की है। चुनाव आयोग फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं के एक समूह की अंतिम सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने यह बात कही।
भारत के सबसे बड़े और सबसे अमीर नगर निगम बीएमसी के लिए वोटिंग 15 जनवरी को होगी और रिजल्ट 16 जनवरी 2026 को आएंगे। वोटर लिस्ट में आपका नाम है या नहीं, ऐसे कर लें चेक...
यूपी में SIR की ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद बीजेपी एक्टिव मोड में है और एक महीने में 4 करोड़ नए वोटर बनाने की कोशिश में जुट गई है।
इस बार स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR प्रक्रिया के बाद 2.89 करोड़ नाम कम होने से सियासी हलकों से लेकर आम लोगों तक चिंता बढ़ गई है। यूपी में फाइनल वोटर लिस्ट 6 मार्च को जारी होगी। इससे पहले आज से लेकर 6 फरवरी तक आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं।
चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश में SIR से जुड़ी तारीखों में बड़ा अपडेट किया है। इसे लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सवाल उठाए हैं।
चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश में SIR से जुड़ी तारीखों में बदलाव किया है। आइए जानते हैं कि प्रक्रिया में क्या नया अपडेट है।
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