दिसपुर: असम से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। चुनाव आयोग ने असम के लिए ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी है। यहां SIR के जरिए 10.56 लाख वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। बता दें कि असम में अब 2.51 करोड़ वोटर हैं।
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असम में होने वाले हैं विधानसभा चुनाव
गौरतलब है कि असम में छह महीने से भी कम समय में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में चुनाव आयोग ने शनिवार को इंटीग्रेटेड ड्राफ्ट रोल के अनुसार आंकड़ा बताया। इसके तहत राज्य में कुल 2,51,09,754 वोटर हैं, जिसमें 93,021 डी-वोटर या संदिग्ध वोटर शामिल नहीं हैं। इसके अलावा, मौत, जगह बदलने या कई एंट्री होने के कारण 10,56,291 वोटरों के नाम हटा दिए गए हैं।
असम में डी वोटर कौन?
डी-वोटर असम में वोटर्स की एक कैटेगरी होती है, जिन्हें सरकार ने कथित तौर पर सही नागरिकता के दस्तावेज़ न होने की वजह से वोट देने के अधिकार से वंचित कर दिया है। जिस व्यक्ति को डी-वोटर घोषित किया जाता है, उसे वोटर कार्ड नहीं दिया जाता है।
डी-वोटर्स की सभी संबंधित जानकारी, जैसे नाम, उम्र और फ़ोटो, बिना किसी बदलाव के ड्राफ़्ट इलेक्टोरल रोल में आगे बढ़ा दी गई हैं। बता दें कि स्पेशल रिवीजन के तहत 22 नवंबर से 20 दिसंबर तक घर-घर जाकर वेरिफिकेशन के बाद ड्राफ्ट रोल पब्लिश किए गए थे।
कब पब्लिश होगी फाइनल वोटर लिस्ट?
वोटर्स 22 जनवरी तक दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे, और फाइनल वोटर लिस्ट 10 फरवरी को पब्लिश की जाएगी।
10.56 लाख में से किस वोटर को क्यों वोटर लिस्ट से हटाया गया?
- 4,78,992 नाम मौत की वजह से हटा दिए गए
- 5,23,680 वोटर अपने रजिस्टर्ड पते से कहीं और चले गए
- 53,619 एक जैसे दिखने वाली एंट्रीज को सुधार के लिए हटाया गया
वेरिफिकेशन हुआ पूरा
मिली जानकारी के मुताबिक, पूरे राज्य में 61,03,103 घरों में वेरिफिकेशन किया गया। बयान में कहा गया है कि इस प्रैक्टिस में 35 जिला चुनाव अधिकारी (DEO), 126 चुनावी पंजीकरण अधिकारी (ERO), 1,260 AERO, 29,656 बूथ लेवल अधिकारी (BLO) और 2,578 BLO सुपरवाइजर शामिल थे।