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जादवपुर यूनिवर्सिटी हिंसा का CCTV फुटेज लीक, VC चिरंजीब भट्टाचार्य बोले- जांच कमेटी के बाद होगा एक्शन

 Published : Sep 15, 2026 10:29 pm IST,  Updated : Sep 15, 2026 10:29 pm IST

जादवपुर विश्वविद्यालय के अधिकारी पिछले महीने परिसर में हुई छात्र हिंसा से संबंधित सीसीटीवी फुटेज कथित तौर पर लीक होने के मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराने से पहले जांच समिति की राय लेंगे।

जादवपुर यूनिवर्सिटी हिंसा मामला- India TV Hindi
जादवपुर यूनिवर्सिटी हिंसा मामला Image Source : ANI

जादवपुर विश्वविद्यालय (JU) प्रशासन परिसर में हुई हालिया छात्र हिंसा से संबंधित सीसीटीवी फुटेज कथित तौर पर लीक होने के मामले में कड़ा रुख अपनाने जा रहा है। विश्वविद्यालय अधिकारियों के अनुसार, मीडिया चैनलों तक सीसीटीवी फुटेज पहुंचने के मामले में पुलिस शिकायत दर्ज कराने से पहले जांच समिति की कानूनी राय ली जाएगी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने आरोप लगाया है कि 19-20 अगस्त को दो विरोधी छात्र संगठनों के सदस्यों के बीच हुई झड़पों की सीसीटीवी फुटेज कई समाचार चैनलों को भेजी गई थी, जिन्होंने इन फुटेज को प्रसारित किया। कुलपति चिरंजीब भट्टाचार्य ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन पहले सीसीटीवी फुटेज बाहरी संगठनों तक कथित तौर पर पहुंचाए जाने के मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय के एक पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली जांच समिति की राय लेगा। 

वामपंथी और ABVP समर्थकों के बीच हुई थी हिंसक झड़प

कुलपति ने कहा, 'हम समिति की राय ले रहे हैं और उसके विचार जानने के बाद विश्वविद्यालय पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बारे में निर्णय करेगा।' विश्वविद्यालय में 'फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी स्टूडेंट्स यूनियन' (एफईटीएसयू) की एक आम बैठक के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध अभाविप और वामपंथी विचारधारा वाले छात्र संगठनों के सदस्यों के बीच झड़प हो गई थी, जिसमें कई छात्र घायल हो गए थे। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर परिसर में बाहरी लोगों को लाने का आरोप लगाया था। इसी सिलसिले में 20 अगस्त की दोपहर एक अन्य घटना में एसएफआई और अभाविप समर्थकों ने परिसर में प्रवेश करने की कोशिश के दौरान पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की। दोनों समूह एक ही सड़क के दो अलग-अलग छोर से परिसर में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे, जबकि पुलिसकर्मी उन्हें रोकने के लिए जूझ रहे थे। 

इस दौरान प्रसिद्ध कलाकार नंदलाल बोस द्वारा डिजाइन किया गया विश्वविद्यालय का प्रतीक चिह्न गेट नंबर 4 से नीचे गिरा दिया गया। ऐसी जानकारी है कि सीसीटीवी फुटेज में 19 अगस्त की रात परिसर में हुई हिंसा की घटनाएं कैद थीं। उस रात अभाविप के एक छात्र नेता के साथ मारपीट की गई थी और इसके बाद एक समूह परिसर में दाखिल हुआ था। समाचार चैनलों द्वारा प्रसारित फुटेज में 20 अगस्त को गेट नंबर 4 पर विश्वविद्यालय के प्रतीक चिह्न को हुए नुकसान की तस्वीरें भी दिखाई गई थीं।

 भट्टाचार्य ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा गठित जांच समिति 19 अगस्त को परिसर में हुई झड़प और उपद्रव के साथ-साथ अगले दिन हुई घटनाओं की भी जांच करेगी। उन्होंने कहा, ''हम घटनाओं की पूरी कड़ी पर समिति की राय लेंगे।'' उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के तहत कार्यदिवसों में शाम सात बजे से सुबह सात बजे तक परिसर में प्रवेश के लिए पहचान पत्र अनिवार्य होगा। वहीं, रविवार और छुट्टियों के दिन परिसर में प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा।

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