पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 'नशा मुक्त भारत 2029' के तहत कार्रवाई को तेज कर दिया है। बुधवार को सीएम शुभेंदु खुद आगे आए और रोड रोलर को चलाया। इस दौरान सीएम ने तीन लाख से ज़्यादा प्रतिबंधित कफ सिरप की बोतलें नष्ट कर दी हैं। उन्होंने कोलकाता के इको पार्क में रोड रोलर चलाकर ये कार्रवाई की। नशे के खिलाफ जारी अभियान को लेकर सीएम शुभेंदु का ये अंदाज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
नशा-मुक्त बंगाल के लिए पूरी तरह से अडिग- CM
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर नशे के खिलाफ अभियान को लेकर बयान भी जारी किया है। सीएम ने कहा- "हमारी सरकार पश्चिम बंगाल को नशा-मुक्त बनाने के संकल्प को लेकर पूरी तरह से अडिग है। हमारे पश्चिम बंगाल की पुलिस और प्रशासन नशीले पदार्थों के सेवन की खतरनाक समस्या से युवाओं को बचाने और अवैध तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने के लिए, पूरे राज्य में लगातार कड़े कदम उठा रहे हैं। हाल ही में, राज्य के दक्षिण दिनाजपुर जिले में पुलिस प्रशासन की सतर्कता और प्रयासों से, कोडीन-युक्त कफ सिरप की लगभग 2 लाख अवैध और तस्करी की गई बोतलों को जब्त किया गया है और उन्हें सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया है।"
दवा कंपनी ने सहयोग का वादा किया
पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु ने जानकारी दी है कि "इस कार्रवाई के बाद संबंधित दवा निर्माता कंपनी, लैबोरेट फार्मास्यूटिकल्स इंडिया लिमिटेड ने नशीले पदार्थों की समस्या को रोकने के लिए सरकार के साथ सहयोग का वादा किया है और औपचारिक लेटर भी दिया है। कंपनी ने नशा-मुक्त पब्लिक हेल्थ सिस्टम और दवाओं के गलत इस्तेमाल को रोकने के हमारे मिशन का समर्थन किया है और ये वादा किया है कि उसके प्रोडक्ट, 'एस्कफ कफ सिरप' (Eskuf Cough Syrup) की बिक्री अब पश्चिम बंगाल में किसी भी डीलर को सीधे या स्थानीय बिक्री डिपो के माध्यम से नहीं की जाएगी। इसके अलावा, कंपनी ने अपने स्थानीय डिपो से इस प्रोडक्ट का पूरा मौजूदा स्टॉक वापस मंगवा लिया है।"
सख्ती से काम करते रहेंगे- सीएम शुभेंदु
सीएम शुभेंदु ने कहा- "बंगाल में अवैध नशीले पदार्थों और उनकी तस्करी के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जा रही है। हमारा प्रशासन पब्लिक हेल्थ की रक्षा और अगली जेनरेशन के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने के लिए लगातार और सख्ती से काम करता रहेगा। मैं इस सतर्कता और समर्पित सेवा के लिए पुलिस फोर्स और स्थानीय प्रशासन की तारीफ करता हूं। आइए, हम सब मिलकर एक स्वस्थ, सुरक्षित और नशा-मुक्त पश्चिम बंगाल बनाएं।"
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