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एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से हड़कंप, खुदकुशी या कोई साजिश? पुलिस मामले की जांच में जुटी

 Published : Feb 19, 2025 01:55 pm IST,  Updated : Feb 19, 2025 01:55 pm IST

सेंट्रल कोलकाता के टंगरा अतुल सुर रोड की यह घटना है। इस घटना में दो सगे भाइयों की पत्नियों और एक नाबालिग की रहस्यमय तरीके से मौत हो गई है।

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अपराध Image Source : INDIA TV

कोलकाता: एक ही दिन एक ही परिवार के 3 सदस्यों की मौत से हड़कंप मच गया है। सेंट्रल कोलकाता के टंगरा अतुल सुर रोड की यह घटना है। इस घटना में दो सगे भाइयों की पत्नियों और एक नाबालिग की रहस्यमय तरीके से मौत हो गई है। जनकारी के मुताबिक रोमी दे (38), सुदेशना दे (39) की कलाई कटी हुई पाई गई है जबकि नाबालिग प्रिया दे (15) का शव कपड़े से ढंका हुआ पाया गया है। 

तीनों शव टांगरा इलाके में उनके घर से बरामद किए गए। वहीं, कल रात करीब तीन बजे EM बाइपास के पास एक कार दुर्घटना में प्रणय दे (लगभग 45 साल), प्रसून दे ( लगभग 43 साल), प्रियम दे (14) गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या हादसे में मौत की खबर मिलने के बाद परिवार के सदस्यों ने आत्महत्या की है या फिर दो भाइयों ने अपनी दो पत्नियों और एक बच्ची की हत्या कर दी और जानबूझकर कार दूसरा बच्चे को साथ लेकर दुर्घटना करा दी।

छह महीने में लड़कियों से अपराध के मामले में छह लोगों को मौत की सजा 

पश्चिम बंगाल की विभिन्न अदालतों ने नाबालिग लड़कियों से बलात्कार और हत्या के मामले में बीते छह महीने में छह दोषियों को मौत की सजा सुनाई है। इसके अलावा, अपने परिवार के सदस्यों की हत्या करने के दोषी व्यक्ति को भी मृत्युदंड की सजा सुनाई गई, जिससे राज्य में पिछले छह महीने में मृत्युदंड की सजा पाने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। मृत्युदंड के इन सात में से छह मामलों को लड़कियों से बलात्कार और हत्या के ‘दुर्लभ’ मामलों की श्रेणी में शामिल किया गया था। इनमें आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और बाद में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा यौन अपराध से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। 

पश्चिम बंगाल में आखिरी न्यायिक फांसी दो दशक पहले हुई थी। दक्षिण कोलकाता के एक आवासीय इमारत के सुरक्षा गार्ड धनंजय चटर्जी को 16 वर्षीय छात्रा से बलात्कार और हत्या के मामले में अलीपुर जेल में वर्ष 2004 में 15 अगस्त से ठीक पहले फांसी दी गई थी। इस अपराध को मार्च 1990 में अंजाम दिया गया था। जघन्य अपराध के इन मामलों में सितंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच मौत की सजा सुनाई गई। पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी की एक पॉक्सो अदालत ने सात सितंबर 2023 को मोहम्मद अब्बास को मौत की सजा सुनाई। उसे अगस्त 2023 में माटीगारा इलाके में स्कूल जा रही 16 वर्षीय लड़की से बलात्कार और हत्या का दोषी पाया गया था। (इनपुट-भाषा)

रिपोर्ट-ओंकार, कोलकाता

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