पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना जिले में दो लड़कियों ने आपस में समलैंगिक विवाह किया है। दोनों ने मंदिर में शादी रचाई और उनकी शादी का रिसेप्शन तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की तरफ से रखा गया। इस शादी ने समाज के बंधन तोड़कर नई शुरुआत की। यह अनोखी प्रेम कहानी सुंदरबन इलाके की है। मंदिरबाजार की रिया सरदार और बकुलतला की राखी नस्कर अब शादी के बंधन में बंध चुकी हैं।
रिया ने कम उम्र में ही अपने माता-पिता को खो दिया था और उसका पालन-पोषण उसके मौसा-मौसी ने किया। वहीं, दूसरी ओर राखी अपने ही परिवार में पली-बढ़ी। दोनों पेशे से डांसर हैं। लगभग दो साल पहले उनकी मुलाकात हुई। इसके बाद फोन पर दोस्ती हुई और फिर धीरे-धीरे उनके बीच गहरा रिश्ता बन गया।
घर छोड़ राखी के साथ रही रिया
रिया ने परिवार को अपने रिश्ते के बारे में बताया, तो उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। रिया को मजबूरन घर छोड़कर राखी के साथ रहना पड़ा। राखी का परिवार शुरू से ही उसके साथ खड़ा रहा। पड़ोसियों से बातचीत के बाद, एक स्थानीय मंदिर में उनकी शादी तय की गई। दोनों युवतियों ने एक-दूसरे के गले में वरमाला डालकर अपने जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत की।
सुंदरबन इलाके में रिसेप्शन
रिया और राखी ने समाज के विभिन्न कठोर नियमों, डर और शर्म को नजरंदाज करके अपनी जिंदगी जीने का साहस दिखाया। सुंदरबन के हृदय से निकली प्रेम की यह कहानी नई पीढ़ी को यह सिखाएगी कि प्रेम की कोई सीमा नहीं होती। तृणमूल कांग्रेस ने इस अनोखी शादी के सम्मान में सुंदरबन इलाके में एक रिसेप्शन का आयोजन किया।
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