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ममता सरकार में मंत्री रहे सुजीत बोस को ईडी ने किया गिरफ्तार, नगरपालिका भर्ती घोटाला मामले में एक्शन

 Published : May 11, 2026 11:59 pm IST,  Updated : May 12, 2026 12:01 am IST

पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और तृणमूल कांग्रेस नेता सुजीत बोस को ईडी ने लंबी पूछताछ के बाद सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। जांच एजेंसी के अनुसार, सुजीत बोस पर विभिन्न नगरपालिकाओं में 100 से अधिक लोगों को गैर-कानूनी तरीके से नौकरी दिलाने का आरोप है।

सुजीत बोस- India TV Hindi
सुजीत बोस Image Source : PTI

कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस के नेता और ममता सरकार में मंत्री रहे सुजीत बोस को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें नगरपालिका भर्ती घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय एजेंसी ने सॉल्ट लेक स्थित अपने सीजीओ कॉम्प्लेक्स कार्यालय में करीब 10 घंटे की पूछताछ के बाद धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत हिरासत में ले लिया। 

सुबह करीब 10:30 बजे ED दफ्तर पहुंचे थे

सुजीत बोस अपने बेटे समुद्र बोस के साथ सुबह करीब 10:30 बजे प्रवर्तन निदेशालय (ED) दफ्तर पहुंचे थे। बिधाननगर से तीन बार के विधायक सुजीत बोस हालिया विधानसभा चुनाव में भाजपा के शरदवत मुखर्जी से 37,000 से अधिक मतों के अंतर से हार गए। ईडी ने अक्टूबर 2025 में पूर्व मंत्री के परिसर पर छापा मारा था। 

पैसे और जमीन लेकर नौकरी दिलाने का आरोप

ED सूत्रों के मुताबिक, पूर्व फायर और आपातकालीन मंत्री सुजीत बोस ने अलग-अलग नगर पालिका में करीब 100 से ज्यादा लोगों को गैर-कानूनी तरीके से नौकरी दिलाने में मदद की थी। कुछ को पैसे के बदले नौकरी दी गई थी तो कुछ को जमीन के बदले नौकरी दी गई थी। इस बारे में ED और जानकारी हासिल करने के लिए सुजीत बोस को हिरासत में लिया था।

कुछ समय पहले सुजीत बोस ने ED अधिकारियों को बताया था कि उन्हें शारीरिक दिक्कतें हो रही हैं। उन्हें सांस लेने में तकलीफ़ हो रही थी। ED सूत्रों के मुताबिक, अगर शारीरिक दिक्कत ज्यादा हुई तो उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा।

क्या है बंगाल नगरपालिका भर्ती घोटाला?

यह मामला पश्चिम बंगाल के विभिन्न नगर निगमों और नगरपालिका में हुई भर्तियों से जुड़ा है। कोलकाता हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई की ओर से दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने इस मामले की जांच शुरू की थी। इससे पहले प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच के दौरान वर्ष 2023 में प्रवर्तन निदेशालय ने रियल स्टेट डेवलपर और फिल्म निर्माता अयान सील और उनसे जुड़े कई ठिकानों पर भी छापेमारी की थी। जांच के दौरान कई अहम दस्तावेज बरामद हुए थे।

जांच में पता चला कि यह घोटाला केवल शिक्षकों की भर्ती तक ही सीमित नहीं था बल्कि राज्य की कई नगरपालिकाओं और निगर निगमों में हुई भर्तियों तक फैला हुआ था। मजदूर, स्वीपर, क्लर्क, चपरासी, एंबुलेंस अटेंडेंट, पंप ऑपरेटर, हेल्पर, ड्राइवर जैसे पदों पर कथित रूप से अवैध नियुक्तियां की गईं। जांच एजेंसी के मुताबिक इस भर्ती से जुड़ी परीक्षा के लिए ठेके एबीएस इंफोजोन प्राइवेट लि. को ठेके दिए गए जिसके निदेशक अयान सील थे। ईडी का आरोप है कि अयान सील ने अन्य सरकारी अधिकारियों और नेताओं के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची।

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