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UNESCO के नाम पर करोड़ों का खेल! दुर्गा पूजा प्रिव्यू शो मामले में पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन समेत 15 ठिकानों पर ED का शिकंजा

 Reported By: Onkar Sarkar,  Written By: India TV West Bengal Bureau Desk
 Published : Sep 29, 2026 12:36 pm IST,  Updated : Sep 29, 2026 12:36 pm IST

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा से पहले पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन से जुड़े ठिकानों पर ED ने तलाशी ली है। कार्रवाई दुर्गा पूजा प्रिव्यू शो के नाम पर कथित तौर पर जुटाई गई रकम और UNESCO के नाम-लोगो के इस्तेमाल से जुड़े मामले की जांच के तहत की जा रही है।

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पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन के ठिकानों समेत 15 जगहों पर ED की छापेमारी Image Source : REPORTER INPUT

दुर्गा पूजा से पहले पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की कार्रवाई से हलचल बढ़ गई है। एजेंसी ने पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन से जुड़े ठिकानों और मासआर्ट संस्था से संबंधित कई जगहों पर तलाशी शुरू की है। मामला दुर्गा पूजा के प्रिव्यू शो के लिए लोगों से जुटाई गई रकम और इस दौरान UNESCO के नाम के कथित इस्तेमाल से जुड़ा है। ED अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस आयोजन के जरिए कितनी रकम जुटाई गई और उसका इस्तेमाल किस तरह हुआ। 

पूर्व मंत्री के अलावा इवेंट ऑर्गनाइजर के घर पर तलाशी

ED ने मंगलवार सुबह कोलकाता और आसपास के इलाकों में एक साथ तलाशी अभियान चलाया। एजेंसी ने पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन और उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों समेत 15 जगहों पर तलाशी ली। कार्रवाई में इंद्रनील सेन से जुड़े आवास और अन्य संपत्तियों के अलावा एक इवेंट मैनेजर का ठिकाना भी शामिल है। रिपोर्टों के मुताबिक, एजेंसी PMLA के तहत दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है। 

MassArt पर क्या है आरोप?

जांच के केंद्र में Mahanirban Road Mass Art Society यानी MassArt है। ED के अनुसार, संस्था ने दुर्गा पूजा के प्रिव्यू शो के जरिए लोगों से पैसे जुटाए। यूनेस्को ने दिसंबर 2021 में कोलकाता की दुर्गा पूजा को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में शामिल किया था। मासआर्ट का गठन इसके कुछ समय बाद हुआ था। 

UNESCO नाम, Logo इस्तेमाल कर धोखाधड़ी का आरोप

जांच एजेंसी के मुताबिक, मासआर्ट पर यूनेस्को के नाम और लोगो का कथित तौर पर बिना अनुमति इस्तेमाल करने का आरोप है। आरोप है कि संस्था ने दुर्गा पूजा प्रिव्यू शो के प्रचार के दौरान खुद को UNESCO से जुड़ा या उसकी आधिकारिक साझेदार संस्था के तौर पर पेश किया। इसी दावे के आधार पर प्रिव्यू शो के पास बेचे गए। ED जांच कर रही है कि UNESCO के नाम का इस्तेमाल किस तरह किया गया।

50-60 करोड़ की रकम की जांच

दुर्गा पूजा परिक्रमा टिकट बेचने के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप है। ED से जुड़ी जानकारी के अनुसार, साल 2022 से 2024 के बीच करीब 1.14 लाख लोगों ने इन प्रिव्यू शो के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। प्रिव्यू शो के लिए अलग-अलग कीमतों वाले पास उपलब्ध कराए गए थे। इनमें करीब 1,749 रुपये से 5,499 रुपये तक के पास शामिल थे। इन आयोजनों में कोलकाता के कई प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों को शामिल किया गया था। जांच एजेंसी के अनुसार, इस तरह करीब 50 से 60 करोड़ रुपये जुटाए जाने का अनुमान है। 

शिकायत के बाद बढ़ी जांच

मामले में पहले पुलिस के पास शिकायत दर्ज होने की जानकारी सामने आई थी। अब ED ने इसे मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच के दायरे में लिया है। एजेंसी यह भी पता कर रही है कि MassArt की गतिविधियों से जुड़े लोगों की भूमिका क्या थी और कथित तौर पर जुटाई गई रकम कहां गई। फिलहाल तलाशी और जांच की कार्रवाई जारी है।

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