Onda Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल की ओंदा भी उन विधानसभा सीटों में शामिल है, जहां बीजेपी ने 2021 में जीत हासिल की थी। इस सीट पर भी बीजेपी दोबारा जीत हासिल करने के लिए दमखम लगाएगी। वहीं, टीएमसी की कोशिश दोबारा इस सीट को अपने कब्जे में लेने की होगी। पिछले कुछ चुनावों के नतीजे देखे जाएं तो यहां इन्हीं दो पार्टियों का दबदबा नजर आता है। कांग्रेस लगभग 50 साल पहले ही अपनी जमीन खो चुकी है और 2016 तक लेफ्ट भी अपना वोट बैंक खो चुकी थी। अब टीएमसी और बीजेपी के बीच ही इस सीट पर कड़ा मुकाबला है।
ओंदा सीट 1957 में अस्तित्व में आई। यहां शुरुआती दो चुनाव कांग्रेस ने आसानी से जीते। इन दोनों चुनाव में यहां दो सीटें थीं और दोनों कांग्रेस के खाते में गईं। हालांकि, तीसरे चुनाव में पांसा पलट गया। पहले फॉरवर्ड ब्लॉक फिर सीपीआईएम ने यहां जीत हासिल की। इसके बाद फॉरवर्ड ब्लॉक ने इसे अपना गढ़ बनाया और 2006 तक लगातार जीत हासिल की। अब यहां टीएमसी और बीजेपी का दबदबा है।
पिछले चुनाव के नतीजे
2021 में इस सीट पर बीजेपी ने शानदार जीत दर्ज की थी। इससे पहले दो चुनाव टीएमसी के खाते में गए थे। वहीं, 1977 से 2006 तक यहां लेफ्ट का दबदबा रहा। इससे पहले हुए पांच चुनावों में तीन बार कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। मौजूदा समय में यहां कांग्रेस और लेफ्ट का कोई वोटबैंक नहीं है। ऐसे में टीएमसी और बीजेपी के बीच असली मुकाबला होगा।
क्या हैं समीकरण?
2021 में इस सीट पर बीजेपी का वोट शेयर 32 फीसदी बढ़ा था। वहीं, फॉरवर्ड ब्लॉक का वोट शेयर 28 फीसदी कम हुआ था। टीएमसी के वोट शेयर में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया था। ऐसे में टीएमसी भी जीत के लिए पूरा दमखम लगाना चाहेगी। 2019 और 2024 लोकसभा चुनाव में भी यहां बीजेपी को बढ़त मिली थी। हालांकि, 2019 के मुकाबले 2024 में बढ़त कम हुई। ऐसे में टीएमसी और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर होना तय है।
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