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West Bengal Assembly Elections 2026: मेमारी विधानसभा सीट इस बार जोरदार मुकाबले के आसार, जानें सियासी समीकरण

 Published : Feb 27, 2026 09:24 pm IST,  Updated : Feb 27, 2026 09:24 pm IST

पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर तारीखों का ऐलान अभी नहीं हुआ है। तरीखों का ऐलान भले ही ना हुआ हो लेकिन राज्य में सियासी पारा जरूर चढ़ गया है। चलिए ऐसे में मेमारी विधानसभा सीट के सियासी समीकरण पर नजर डालते हैं।

मेमारी विधानसभा सीट- India TV Hindi
मेमारी विधानसभा सीट Image Source : INDIA TV

West Bengal Assembly Elections 2026: पश्चिम बंगाल की राजनीति में पूर्व बर्धमान जिले की मेमारी विधानसभा सीट का अपना खास महत्व है। यह सीट ग्रामीण और अर्ध-शहरी मतदाताओं का मिश्रण है, जहां कृषि, छोटे व्यवसाय और स्थानीय उद्योग लोगों की आजीविका का प्रमुख आधार हैं। मेमारी क्षेत्र सामाजिक रूप से भी विविध है, जिसका असर यहां के चुनावी नतीजों पर साफ दिखाई देता है। राज्य की सत्ता की दिशा तय करने में यह सीट कई बार अहम भूमिका निभा चुकी है।

किसके बीच है मुकाबला?

मेमारी विधानसभा क्षेत्र पूर्व बर्धमान जिले के अंतर्गत आता है और यह बर्धमान-दुर्गापुर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यहां मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस (TMC), भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच माना जा रहा है। 

2016 का विधानसभा चुनाव

साल 2016 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मेमारी सीट पर सीधा मुकाबला TMC और वाममोर्चा के बीच था। इस चुनाव में नरगिस बेगम (तृणमूल कांग्रेस) ने जीत हासिल की थी। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी सीपीएम उम्मीदवार को पराजित किया था। उस समय राज्य में ममता बनर्जी के नेतृत्व में नरगिस बेगम की लहर थी, जिसका असर मेमारी सहित कई सीटों पर देखने को मिला था। वाम दलों का पारंपरिक वोट बैंक यहां मौजूद था, लेकिन वह नरगिस बेगम की बढ़त को रोकने में सफल नहीं हो पाया। 2016 के चुनाव में स्थानीय मुद्दे जैसे सड़क, सिंचाई, बिजली और किसानों की आय प्रमुख विषय रहे।

2021 का विधानसभा चुनाव

साल 2021 का चुनाव मेमारी सीट के लिए और भी रोचक रहा। इस बार मुख्य मुकाबला नरगिस बेगम और बीजेपी के बीच देखने को मिला, क्योंकि राज्य की राजनीति में बीजेपी मजबूत बनकर उभरी थी। 2021 में मधुसूदन भट्टाचार्य (तृणमूल कांग्रेस) ने जीत दर्ज की। उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार को हराया, जबकि वाममोर्चा और कांग्रेस गठबंधन तीसरे स्थान पर रहा। 2021 के चुनाव में बीजेपी ने बदलाव का नारा दिया था, वहीं TMC ने ‘बंगाल अपनी बेटी को चाहता है’ जैसे भावनात्मक और क्षेत्रीय अस्मिता से जुड़े मुद्दों को उठाया था। मेमारी में ग्रामीण मतदाताओं और महिला वोटरों ने TMC के पक्ष में मतदान किया, जिससे पार्टी को बढ़त मिली।

TMC की रही है मजबूत पकड़

मेमारी विधानसभा सीट पर जातीय और आर्थिक समीकरण चुनावी परिणामों को प्रभावित करते हैं। यहां किसान, खेत मजदूर और छोटे व्यापारी बड़ी संख्या में हैं। मेमारी सीट पर 2016 और 2021 दोनों चुनावों में तृणमूल कांग्रेस ने अपनी पकड़ बनाए रखी है। विपक्ष ने चुनौती जरूर दी, लेकिन जीत का सेहरा TMC के सिर ही बंधा। आने वाले चुनावों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या विपक्ष यहां अपनी स्थिति मजबूत कर पाता है या TMC अपनी जीत की परंपरा को कायम रखती है।

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