Viral Post : नौकरी की भागदौड़, बॉस की डांट और लगातार तनाव से थक चुके कई युवा आजकल अपनी जिंदगी में बदलाव चाहते हैं। लेकिन टियर-2 कॉलेज से MBA करने वाले एक युवा ने तो सचमुच अनोखा रास्ता चुना। 25 लाख रुपये सालाना (LPA) के आकर्षक जॉब ऑफर को ठुकराकर वह ओला कैब ड्राइवर बन गया। तीन साल बाद आज वह 12 कारों के बेड़े का मालिक है और हर महीने 6.5 लाख रुपये का मुनाफा कमा रहा है। उसकी यह कहानी एक्स (पूर्व ट्विटर) पर वायरल होकर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। परिवार उसके इस उद्यम में कदम रखने और पांच कारों के बेड़े का प्रबंधन करने की खुशी मना रहा है, वहीं इंटरनेट पर इस बात को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है कि क्या यह हिसाब-किताब वाकई सही है।
एक्स पर वायरल हुई पोस्ट
इस पोस्ट को एक्स पर @Sachan8574 नामक हैंडल से शेयर किया गया है। इस पोस्ट के कैप्शन में लिखा है कि, 'मेरे भाई ने टियर-2 कॉलेज से एमबीए किया। उसे ₹25 लाख प्रति वर्ष की नौकरी का प्रस्ताव मिला था, लेकिन वह कभी पूरी तरह संतुष्ट नहीं हुआ। एक दिन उसने नौकरी छोड़ने का फैसला किया। वह ओला टैक्सी ड्राइवर बन गया। समाज ने कहा, पढ़ाई बर्बाद कर दी। रिश्तेदारों ने कहा, क्या सोचा था, क्या बन गया...! तीन साल बाद... अब उसके पास ओला पर 5 गाड़ियां हैं और वह लगभग ₹1.5 लाख प्रति माह कमा रहा है। कभी-कभी, जो रास्ता पतन जैसा लगता है... वही असल में उन्नति का मार्ग साबित होता है।'
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
इस पोस्ट पर कई यूजर्स ने प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक यूजर ने लिखा कि, '3 साल में उसका पैकेज ज्यादा नहीं तो 30-35 लाख हो गया।' दूसरे यूजर ने लिखा कि, 'कौन भला 25 लाख की नौकरी छोड़कर 1.5 लाख रुपये महीने की कमाई करेगा और साथ में 5 गाड़ियां रखेगा? भविष्य में तो उसकी तनख्वाह में कम से कम 8% सालाना बढ़ोतरी होनी ही चाहिए। इसलिए यह सब मनगढ़ंत कहानी लगती है।' तीसरे यूजर ने लिखा कि, 'क्या आपको लगता है कि 5 साल पहले के 25 लाख रुपये के पैकेज की तुलना में प्रति माह 1.5 लाख रुपये कमाना और 5 कारें रखना बेहतर है? ठीक है।' चौथे यूजर ने लिखा कि, '3 साल में उसका पैकेज ज्यादा नहीं तो 30-35 लाख हो गय।' पांचवें यूजर ने लिखा कि, 'दीर्घकालिक लाभदायक व्यापार दुनिया के सबसे कठिन व्यवसायों में से एक है। इसके लिए अनुशासन, धैर्य, भावनात्मक नियंत्रण और हर दिन अनिश्चितताओं से निपटने की क्षमता की आवश्यकता होती है। क्या आप इससे सहमत हैं या असहमत?।'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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