पिछले 25 साल में राजनीतिक हिंसा में मृत परिवारों के साथ अब पश्चिम बंगाल राज्य सरकार खड़ी होगी। पिछले 25 साल से राजनीतिक प्रतिहिंसा में मृत परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी, ऐसा राज्य प्रशासन सूत्रों से खबर है। राजनीतिक हिंसा में मृत परिवारों की तलाश के लिए जरूरत पड़ने पर राज्य सरकार विज्ञापन देगी। साथ ही जल्द ही नोटिफिकेशन भी जारी किया जाएगा, सूत्रों के हवाले से खबर है।
सूत्रों के मुताबिक कल शाम चीफ सेक्रेटरी मनोज कुमार अग्रवाल के साथ डीएम की एक वर्चुअल बैठक हुई। इसी बैठक में राजनीतिक रूप से मृत परिवारों से संबंधित जानकारी जुटाने के लिए डीएम को चीफ सेक्रेटरी ने निर्देश दिया है। इस विषय पर तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष का कहना है, यह कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी ममता बनर्जी राजनीतिक रूप से मृत लोगों के परिवारों के साथ खड़ी हुई हैं।
दूसरी ओर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने साउथ 24 परगना में एक कार्यक्रम के दौरान ममता बनर्जी को फिर से चुनौती दी है। सीएम ने कहा- "इस साल एक भी पूजा में उन्हें (ममता बनर्जी) किसी ने नहीं बुलाया। हिंदू धर्म को गंदा धर्म कहते हैं। राम मंदिर के दिन जुलूस निकाला है। हिम्मत है तो फिर से लड़कर दिखाओ। 2 बार हराया है, फिर हराऊंगा। जब तृणमूल बनी थी तब अटल बिहारी वाजपेयी जी ने आशीर्वाद दिया था। और अब बेबी और आंटी एक साथ चाय पी रहे हैं। एक पार्टी हारने के 5 महीने के अंदर ही टूट गई है। कहीं ऐसी पार्टी नहीं देखेंगे। ओडिशा में देखिए बीजू जनता दल हारी है लेकिन पार्टी है।जितनी बार वोट होगा आप हारेंगे। जिस कांग्रेस को तोड़कर तृणमूल कांग्रेस बनी थी उसी कांग्रेस के पैरों में जाकर गिरे हैं।"
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा- "बहुत से लोग कह रहे हैं बड़ा चोर कब जाएगा? में कहता हूं कि समय पर करना पड़ता है। बीजेपी हमेशा राजधर्म का पालन करती है। इस इलाके में एक अल्पसंख्यक परिवार की नाबालिग को शायद परिवार को वापस नहीं दिला पाया लेकिन साथ में था। सरकार की तरफ से 20 लाख रुपये और नौकरी दी गई है। आज मैंने ये बताया। जिनकी जमीन छीनी गई है उनकी जमीन को वापस दिया जाएगा। वापस लि गए जमीन को SC-ST समुदाय को दिया जाएगा।" सीएम शुभेंदु ने टुकड़े-टुकड़े गैंग को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि टुकड़े-टुकड़े गैंग को सीधा करने के लिए यहां के 4 विधायक काफी है।