पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के एयरपोर्ट पर शुक्रवार को जबरदस्त हंगामा हो गया। एयरपोर्ट पर अचानक बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। दोनों तरफ से जबरदस्त नारेबाजी हुई और देखते ही देखते दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और फिर मारपीट शुरु हो गई। दरअसल, अभिषेक बनर्जी कोलकाता एयरपोर्ट पर लैंड होने वाले थे जिसकी जानकारी मिलने के बाद बीजेपी और टीएमसी कार्यकर्ता एयरपोर्ट पर पहुंच गए। इसी के थोड़ी देर बाद दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई।
क्या है पूरा मामला?
तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि बीजेपी के कार्यकर्ता एयरपोर्ट पर अभिषेक बनर्जी पर हमला करने के लिए अंडे लेकर पहुंचे थे। आपको बता दें कि अभिषेक बनर्जी पहले ही अंडा अटैक के शिकार हो चुके हैं। ऐसे में उन्हें दोबारा हमले से बचाने के लिए उनकी टीम एयरपोर्ट पहुंच गई। अंडों की बरसात अभिषेक बनर्जी तक ना पहुंच पाए इसकी पूरी तैयारी थी लेकिन अभिषेक बनर्जी के चार्टर पहुंचने से पहले ही एयरपोर्ट के बाहर बीजेपी और टीएमसी कार्यकर्ताओं का पारा हाई हो गया। दोनों तरफ से लात-घूंसे चले। काफी देर तक कोलकाता एयरपोर्ट पर ये जबरदस्त बवाल चलता रहा।
लोकसभा स्पीकर से मिले अभिषेक बनर्जी
दूसरी ओर आज तृणमूल कांग्रेस ने बगावत करने वाले अपने 20 सांसदों की मेंबरशिप खत्म करने की पिटीशन लोकसभा स्पीकर के सामने फाइल कर दी। बता दें कि तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों ने अपने गुट का मर्जर नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया में करने की मांग की है। इस पर तृणमूल कांग्रेस का पक्ष रखने के लिए स्पीकर ओम बिरला ने आज अभिषेक बनर्जी को बुलाया था। अभिषेक बनर्जी लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के पार्लियामेंट्री लीडर हैं, इसलिए आज वो कल्याण बनर्जी, सौगत रॉय और महुआ मोइत्रा के साथ स्पीकर से मिलने पहुंचे। अभिषेक बनर्जी ने स्पीकर के सामने दलीलें पेश की, सुप्रीम कोर्ट के पुराने जजमेंट का हवाला दिया और रिप्रिजेंटेशन ऑफ पीपुल्स एक्ट की तमाम धाराओं का रेफ्रेंस दिया।
अभिषेक बनर्जी ने क्या दलील दी
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि भले ही दो तिहाई सांसद बगावत करें लेकिन संविधान के तहत एक पार्टी के सासंद दूसरी पार्टी में मर्ज नहीं कर सकते। बगावत करने वाले सांसदों की सदस्यता रद्द होनी चाहिए। इसके बाद अभिषेक ने बीसों सांसदों के डिस्क्वालीफिकेशन के लिए अलग-अलग 20 पिटीशन्स भी उसी वक्त फाइल कर दीं। स्पीकर से मुलाकात के बाद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि उन्होंने सारी बात स्पीकर को तथ्यों के साथ बता दी है, अब फैसला स्पीकर को करना है और उन्हें पूरी उम्मीद है फैसला संविधान के मुताबिक होगा।
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