पश्चिम बंगाल में साल 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई कथित हिंसा के मामलों में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के तहत बाराबनी थाना पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 3 नेताओं को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, इन तीनों आरोपियों के खिलाफ चुनाव बाद हिंसा से जुड़े मामले लंबित थे और वे लंबे समय से फरार चल रहे थे। गिरफ्तारी के बाद इलाके की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
TMC ब्लॉक अध्यक्ष समेत 3 अरेस्ट
चुनाव बाद हिंसा मामले में बाराबनी पंचायत समिति के अध्यक्ष एवं तृणमूल कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष असित सिंह के अलावा उनके भाई एवं पानुरिया ग्राम पंचायत के उप-प्रधान विश्वजीत सिंह और टीएमसी के प्रभावशाली नेता अकबर आलम को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गुरुवार देर रात कुल्टी थाना क्षेत्र के डुबुरडीही चेकपोस्ट के पास से असित सिंह और विश्वजीत सिंह को गिरफ्तार किया गया। वहीं, अकबर आलम को झारखंड के जमशेदपुर से हिरासत में लेकर बाद में औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया।
फरार चल रहे थे आरोपी
पुलिस का दावा है कि वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद हुई कथित चुनाव बाद हिंसा के मामलों में नाम सामने आने के बाद से तीनों आरोपी फरार चल रहे थे। इनके खिलाफ कई मामले न्यायालय में लंबित हैं। लंबे समय से उनकी गिरफ्तारी की मांग की जा रही थी। जांच अधिकारियों का मानना है कि इन गिरफ्तारियों से मामले की जांच में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
आज अदालत में किया गया पेश
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तारी चुनाव बाद हिंसा से जुड़े मामलों में की गई है। हालांकि, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आरोपियों को बाराबनी थाने में न रखकर हीरापुर थाने में रखा गया। शुक्रवार सुबह उन्हें आसनसोल अदालत में पेश किया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के हित में आरोपियों को पुलिस हिरासत में लेने की मांग अदालत से की गई है। अदालत ले जाते समय पत्रकारों के सवाल पर असित सिंह ने केवल इतना कहा, "अब क्या कहूं, सब लोग सब कुछ देख रहे हैं।"
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
इस मामले में अभी भी कुछ अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। उनकी तलाश में पुलिस विभिन्न स्थानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। उधर, असित सिंह और अन्य नेताओं की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही बाराबनी और आसपास के क्षेत्रों में भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने पटाखे फोड़कर खुशी मनाई। भाजपा नेता अभिजीत राय ने कहा कि चुनाव बाद हिंसा के आरोपियों के खिलाफ लंबे समय से कानूनी कार्रवाई की मांग की जा रही थी और पुलिस की इस कार्रवाई का उनकी पार्टी स्वागत करती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों में इन नेताओं ने क्षेत्र में कई गलत काम किए हैं।
हालांकि, गिरफ्तार नेताओं या तृणमूल कांग्रेस की ओर से इस रिपोर्ट लिखे जाने तक आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इस कार्रवाई के बाद बाराबनी और आसनसोल के राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच आगे किस दिशा में बढ़ती है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक हो पाती है।
(इनपुट- बीजू मंडल)