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कोरोना वायरस के कारण अगले साल और बढ़ेगी मानवीय मदद की आवश्यकता: संयुक्त राष्ट्र

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Dec 01, 2020 01:34 pm IST,  Updated : Dec 01, 2020 01:34 pm IST

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के कार्यालय ने कहा है कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण इस साल मानवीय मदद की आवश्यकता अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई है और 2021 में 23 करोड़ 50 लाख लोगों को मदद की जरूरत पड़ने का पूर्वानुमान है।

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कोरोना वायरस के कारण अगले साल और बढ़ेगी मानवीय मदद की आवश्यकता: संयुक्त राष्ट्र  Image Source : AP

जिनेवा: संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के कार्यालय ने कहा है कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण इस साल मानवीय मदद की आवश्यकता अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई है और 2021 में 23 करोड़ 50 लाख लोगों को मदद की जरूरत पड़ने का पूर्वानुमान है। इसका कारण कोरोना वायरस वैश्विक महामारी और संघर्षों, प्रवासियों की समस्याओं एवं ग्लोबल वार्मिंग समेत वैश्विक चुनौतियां हैं। 

मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (ओसीएचए) का पूर्वानुमान है कि इस साल की तुलना में 2021 में 40 प्रतिशत अधिक लोगों को इस प्रकार की मदद की आवश्यकता होगी। ओसीएचए ने मंगलवार को अपने ताजा वार्षिक ‘वैश्विक मानवीय अवलोकन’ में कहा कि जरूरतमंद 16 करोड़ लोगों तक पहुंचने के लिए उसे 35 अरब डॉलर की आवश्यकता होगी। यह राशि 17 अरब डॉलर की उस राशि के दुगुने से भी अधिक है, जो इस साल अंतरराष्ट्रीय मानवीय मदद के लिए दान के रूप में अब तक मिली है। 

संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के प्रमुख मार्क लोकॉक ने कहा कि इस साल मानवीय सहायता की आवश्यकता के पूर्वानुमान की तस्वीर सबसे निराशाजनक एवं अंधकारमय है और इसका कारण यह है कि वैश्विक महामारी ने पृथ्वी पर सबसे कमजोर एवं वंचित देशों को सर्वाधिक नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा, ‘‘1990 के दशक के बाद से पहली बार अत्यधिक गरीबी बढ़ेगी, औसत आयु प्रत्याशा दर गिरेगी तथा एचआईवी, टीबी और मलेरिया से मरने वालों की वार्षिक संख्या दुगुनी होगी। हमें भुखमरी झेल रहे लोगों की संख्या भी लगभग दुगुनी होने की आशंका है।’’ 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कहा कि मानवीय मदद का बजट कोविड-19 के असर के कारण बेहद कम पड़ रहा है। लोकॉक ने कहा कि यमन में ‘‘बड़े स्तर पर अकाल’’ का खतरा है। संकटग्रस्त सीरिया को बड़ी वित्तीय मदद की आवश्यकता हैं ओसीएचए ने कहा कि इनके अलावा अफगानिस्तान, कांगो, हैती, नाइजीरिया, दक्षिण सूडान, यूक्रेन और वेनेजुएला को मदद की आवश्यकता है। इस सूची में शामिल नए नामों में मोजाम्बिक, पाकिस्तान और जिम्बाब्वे भी शामिल हैं। 

इनपुट-भाषा

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