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दुनिया को धोखा देने की पाक की 'नापाक' चाल, जैश चीफ मसूद अजहर पर 70 लाख का इनाम घोषित किया

 Reported By: Manish Prasad,  Written By: Niraj Kumar
 Published : Sep 14, 2026 04:44 pm IST,  Updated : Sep 14, 2026 04:44 pm IST

पाकिस्तान ने आतंकी मौलाना मसूद अजहर पर इनाम की राशि बढ़कर 70 लाख रुपये कर दी। पहले यह राशि 50 लाख रुपये थी। पाकिस्तान दुनिया की आंखों में धूल झोंकने के लिए ऐसे कदम उठा रहा है।

Masood Azahar- India TV Hindi
मसूद अजहर, जैश-ए-मोहम्मद का चीफ Image Source : AP

Highlights

  • जैश चीफ आतंकी मसूद अजहर पर 70 लाख का इनाम
  • 26/11 मुंबई अटैक के 17 आतंकी अब भी मोस्ट वांटेड
  • फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स की बैठक से पहले दिखावटी एक्शन

पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। आतंकियों को ट्रेनिंग देना, उन्हें संरक्षण देना और फिर उन्हीं पर ईनाम घोषित करके वह दुनिया को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय समुदाय की आंखों में धूल झोंककर खुद को FATF की ग्रे लिस्ट में जाने से बचने की पूरी कोशिश कर रहा है। इसी कोशिश के तहत उसने अब जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मौलाना मसूद अजहर पर 70 लाख का इनाम घोषित किया है।

इनाम की राशि 20 लाख रुपये बढ़ाई

दुनिया के मोस्ट वांटेड आतंकवादियों की नई रेड बुक में पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) ने मसूद अजहर को भगोड़ा बताया है और उस पर इनाम की राशि 20 लाख बढ़ाकर 70 लाख कर दिया है। इससे पहले मसूद अजहर पर 50 लाख का इनाम था। पाकिस्तान की ओर से यह दिखावटी एक्शन अक्टूबर में होने वाली फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की मीटिंग से पहले हुआ है। पाकिस्तान FATF की ग्रे लिस्ट में जाने से बचना चाहता है। 

इससे पहले भी वह उसने FATF की ग्रे लिस्ट में जाने से बचने के लिए 2021 से यह दावा करना शुरू कर दिया था कि मसूद अजहर उसकी धरती पर नहीं हैं। वह अफगानिस्तान भाग गया है। जबकि फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने उसी समय मसूद अजगह पर 50 लाख का इनाम रखा था। अब करीब 5 साल बाद इनाम बढ़ाकर 70 लाख कर दिया है।

कहां है मसूद अजहर?

पाकिस्तान 2021 से लगातार यह कह रहा है कि मसूद अज़हर अफ़गानिस्तान में छिपा है। वहीं पिछले छह महीनों में भारतीय इंटेलिजेंस एजेंसियों के टेक्निकल एनालिसिस से पता चला है कि वह पाकिस्तान के सिंध प्रांत के नवाबशाह शहर में छिपा हुआ है। इससे पहले एक इंटरव्यू में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के नेता और पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने कहा था कि पाकिस्तान को नहीं पता है कि जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर का ठिकाना कहां है। उन्होंने कहा कि अगर भारत, पक्के सबूत देता है कि मसूद अजहर पाकिस्तान में है तो उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

मसूद अज़हर के अलावा, FIA की नई अपडेटेड रेड बुक में 26/11 के मुंबई हमलों में शामिल 19 आतंकवादियों के नाम हैं, जिन्होंने इस हमले के ऑपरेटिव्स की मदद की, उन्हें फाइनेंस किया या उनके लिए नावों की व्यवस्था की। जबकि इनमें से 17 आतंकवादियों को उनकी तस्वीरों और 26/11 में खास भूमिकाओं के साथ लिस्ट किया गया है। पाकिस्तान ने चुपके से दो आतंकवादियों की तस्वीरें, लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़ाव और ऑपरेशनल भूमिकाओं की डिटेल हटा दी है, सिर्फ़ उनके नाम रखे हैं।

FIA ने अपनी अपडेटेड लिस्ट में तुर्बत के मुहम्मद खान का नाम रखा है, जिसने हमलावरों को मुंबई ले जाने के लिए अल-हुसैनी नाव दी थी, लेकिन उसकी तस्वीर, LeT लिंक और भूमिका को हटा दिया है। इसी तरह, बहावलनगर के अब्दुल रहमान की तस्वीर और LeT से जुड़ाव को रिकॉर्ड से हटा दिया गया है। दोनों लोगों की पूरी भूमिकाएं और तस्वीरें 2021 की FIA लिस्ट में पब्लिश हुई थीं। अपडेटेड रोस्टर में 11 LeT आतंकवादियों की लिस्ट है जो अल-हुसैनी और अल-फौज नावों पर सवार हमलावरों की समुद्री यात्रा में मदद करने के लिए ज़िम्मेदार हैं।

26/11 हमले में मदद करने वाले पाक आतंकियों की लिस्ट

  1. मुहम्मद अमजद खान (मुल्तान)
  2. शाहिद गफूर (बहावलपुर)
  3. मोहम्मद उस्मान (साहिवाल)
  4. अतीक-उर-रहमान (लाहौर) 
  5. रियाज़ अहमद (हाफ़िज़ाबाद) 
  6. मुहम्मद मुश्ताक (गुजरांवाला)
  7. मुहम्मद नईम (डेरा गाज़ी खान) 
  8. अब्दुल शकूर (कराची)
  9. मुहम्मद साबिर सल्फी (मुल्तान)
  10. मुहम्मद उस्मान (लोधरान)
  11. शकील अहमद (रहीम यार खान)

इसके अलावा, लिस्ट में छह आतंकवादी हैं जिन्होंने 26/11 हमलों के लिए पैसे दिए थे: मुहम्मद इफ्तिखार अली (फैसलाबाद), एक LeT ऑपरेटिव जिसने हमलावरों और उनके हैंडलर्स के बीच बातचीत के लिए VOIP कनेक्शन सेट अप करने के लिए 70,000 रुपये (पाक करेंसी) खर्च किए; मोहम्मद ज़िया (रावलपिंडी), जिसने हमले के लिए LeT को 80,000 रुपये दिए; मोहम्मद अब्बास नासिर (खानेवाल), जिसने 2,53,000 रुपये दिए; जावेद इकबाल (कसूर), जिसने 1,86,430 रुपये दिए; मुख्तार अहमद (मंडी बहाउद्दीन), जिसने 2,98,047 रुपये डोनेट किए; और अहमद सईद (बट्टाग्राम), जिसने ऑपरेशन के लिए 21 लाख रुपये दिए।

17 आतंकवादी 18 साल से फरार

FIA के मुताबिक, 26/11 हमलों में शामिल सभी 17 आतंकवादी 18 साल से फरार हैं। लेकिन, भारतीय इंटेलिजेंस सूत्रों ने कन्फर्म किया है कि सभी 17 लोग पाकिस्तान के अंदर ही हैं, और उन्हें FIA की मोस्ट वांटेड लिस्ट में डालना इंटरनेशनल जांच को भटकाने के लिए सिर्फ एक दिखावा है। पिछले पांच सालों में, पाकिस्तान में मोस्ट वांटेड आतंकवादियों की कुल संख्या 35% बढ़ गई है, जो FIA की 2021 रेड बुक में 1,330 आतंकवादियों से बढ़कर लेटेस्ट रिलीज में 1,804 हो गई है।

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