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Booster Dose: ब्रिटेन ने कोरोना के मूल और ओमीक्रोन वेरिएंट के खिलाफ बूस्टर डोज को दी मंजूरी, ऐसा करने वाला पहला देश, क्यों है बड़ी बात?

 Written By: Shilpa
 Published : Aug 16, 2022 11:27 am IST,  Updated : Aug 16, 2022 11:29 am IST

Booster Dose UK: एमएचआरए की मुख्य कार्यकारी डॉ जे राइन ने कहा कि उन्हें नए बूस्टर टीके को मंजूरी दिए जाने की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है जो नैदानिक ​​परीक्षण में ओमीक्रोन के साथ ही 2020 के मूल स्वरूप के खिलाफ कारगर पाया गया।

UK New Booster Dose- India TV Hindi
UK New Booster Dose Image Source : AP

Highlights

  • ब्रिटेन में नई बूस्टर डोज को मंजूरी
  • मूल और ओमीक्रोन पर करेगी काम
  • ऐसा करने वाला ब्रिटेन पहला देश बना

Booster Dose UK: ब्रिटेन ने कोविड-19 के खिलाफ एक ऐसे बूस्टर टीके को मंजूरी दी है जिसके बारे में दावा किया गया है कि वह वायरस के मूल और ओमीक्रोन दोनों स्वरूपों के खिलाफ कारगर है। इसके साथ ही ब्रिटेन पहला ऐसा देश बन गया है जिसने इस प्रकार के टीके को मंजूरी दी है। देश के स्वास्थ्य अधिकारियों ने सोमवार को इसकी घोषणा की। औषध नियामक संस्था एमएचआरए ने कहा कि उसने कोरोना वायरस के खिलाफ मॉडर्न टीके को मंजूरी दी क्योंकि इसे सुरक्षा, गुणवत्ता और प्रभावशीलता के मानकों पर खरा पाया गया।

नियामक ने कहा कि बूस्टर टीका ‘स्पाइकवैक्स बाइवैलेंट ओरिजिनल / ओमीक्रोन’ की प्रत्येक खुराक का आधा हिस्सा (25 माइक्रोग्राम) मूल स्वरूप के खिलाफ काम करता है जबकि दूसरा आधा हिस्सा ओमीक्रोन को निशाना बनाता है। एमएचआरए की मुख्य कार्यकारी डॉ जे राइन ने कहा कि उन्हें नए बूस्टर टीके को मंजूरी दिए जाने की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है जो नैदानिक ​​परीक्षण में ओमीक्रोन के साथ ही 2020 के मूल स्वरूप के खिलाफ कारगर पाया गया।

बीमारी से बचाने में मिलेगी मदद

उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में इस्तेमाल किए जा रहे टीकों की पहली पीढ़ी बीमारी के खिलाफ अहम सुरक्षा प्रदान करती है और लोगों के जीवन को बचाती है। उन्होंने कहा कि वायरस के दो स्वरूपों के खिलाफ काम करने वाले इस टीके से लोगों को बीमारी से बचाने में मदद मिलने की पूरी उम्मीद है क्योंकि वायरस का स्वरूप बदलना जारी है। नियामक ने कहा कि साक्ष्यों की सावधानीपूर्वक समीक्षा किए जाने के बाद विशेषज्ञ वैज्ञानिक सलाहकार निकाय व मानव चिकित्सा आयोग ने ब्रिटेन में इस बूस्टर टीके को मंजूरी देने के फैसले का समर्थन किया।

इसके साथ ही नियामक ने यह भी कहा कि उसका फैसला नैदानिक ​​परीक्षण के आंकड़ों पर आधारित है जिसमें दिखाया गया है कि बूस्टर मॉडर्न टीका ओमीक्रोन के साथ ही 2020 के मूल स्वरूप के खिलाफ कारगर पाया गया। इसके अलावा ओमीक्रोन के उप-स्वरूपों बीए.4 और बीए.5 के खिलाफ भी इसे कुछ हद तक कारगर पाया गया।

मंकीपॉक्स का खतरा भी नहीं हुआ कम

ब्रिटेन में कोरोना वायरस के अलावा मंकीपॉक्स वायरस का कहर भी बना हुआ है। हालांकि अभी मंकीपॉक्स के मामलों में कमी आने के संकेत दिख रहे हैं। ब्रिटिश स्वास्थ्य अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि पूरे देश में मंकीपॉक्स के मामलों में कमी आने के संकेत मिले हैं, लेकिन अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह कमी क्या आगे भी कायम रहेगी। स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि अधिकारी प्रतिदिन मंकीपॉक्स के 29 नए मामले दर्ज कर रहे हैं जबकि जून के आखिरी सप्ताह में रोजाना 52 नए मामले आ रहे थे।

 
बयान के मुताबिक जुलाई में अधिकारियों का आकलन था हर दो सप्ताह पर संक्रमितों की संख्या में दोगुनी वृद्धि होगी। अबतक ब्रिटेन में 3000 से अधिक मंकीपॉक्स के मामले आए हैं जिनमें से 70 प्रतिशत संक्रमित लंदन के हैं। एजेंसी ने कहा कि अबक 27 हजार से अधिक लोगों को चेचक से लड़ने के लिए तैयार टीका लगाया गया है। एजेंसी ने कहा, ‘राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा द्वारा जिन हजारों लोगों को टीका लगाया गया है,उन्हें अधिक खतरा था और इसका असर वायरस के प्रसार पर प्रभावी तरीके से होना चाहिए।’

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