ढाका: बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने देश के अबतक के सबसे भयानक बंधक संकट के पीड़ितों के लिए शनिवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय शोक घोषित किया। शुक्रवार को शुरू हुए इस हमले में आतंकवादियों ने कम से कम 20 बंधकों को मार डाला, जिसमें ज्यादातर विदेशी नागरिक थे। इस दौरान कमांडो कार्रवाई में छह हमलावर भी मारे गए और एक अन्य हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया। इस तरह यह बंधक संकट शनिवार शाम समाप्त हुआ।
हसीना ने शनिवार शाम राष्ट्र को टेलीविजन पर संबोधित करते हुए कहा, "बेगुनाहों को मार कर आप क्या हासिल करना चाहते हैं? इस्लाम शांति का धर्म है। हमारे धर्म को अपने घृणास्पद करतूतों से बदनाम मत कीजिए।" हसीना ने उन दो पुलिसकर्मियों को याद किया, जो हमलावरों द्वारा फेंके गए हथगोलों की जद में आकर मारे गए।
हसीना ने कमांडो अभियान पूरा होने के बाद एक कार्यक्रम में कहा, ‘मैं अल्लाह का शुक्र अदा करती हूं कि हम आतंकवादियों को खत्म करने और बंधकों को बचाने में कामयाब रहे।’
बता दें कि ढाका के रेस्टोरेंट में आधुनिक हथियारों से लैस आतंकी कल रात स्थानीय समय के मुताबिक 9 बजकर 20 मिनट पर घुसे थे। उन्होंने रेस्टोरेंट में घुसते ही अंधाधुंध फायरिंग कर दी और कई लोगों को बंधक बना दिया। आज सुबह बांग्लादेश के रैपिड एक्शन बटालियन के कमांडों ने ऑपरेशन शुरू किया और करीब 13 मिनट के भीतर 6 आतंकियों को ढेर कर दिया गया। इस ऑपरेशन के दौरान 13 बंधकों को छुड़ाया गया। छुड़ाए गए लोगों में भारत, श्रीलंका और जापान के नागरिक शामिल हैं।