नई दिल्ली: आतंकवाद के मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। भारत ने पाकिस्तान को अनेक सबूत सौंपे जिनसे यह सिद्ध हो जाता है कि पाकिस्तान की धरती का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है, लेकिन पाक सरकार ने कभी इसे स्वीकार नहीं किया। पाक प्रायोजित आतंकवाद और कश्मीर मुद्दे की वजह से दोनों देशों संबंध दोस्तों जैसे नहीं कहे जा सकते। बल्कि जिस तरह से पाकिस्तान में ट्रेनिंग पाकर आतंकवादी निर्दोष भारतीयों का खून बहाते हैं और जिस तरह से पाकिस्तानी सेना सरहद पर बिना किसी उकसावे के गोलाबारी करती है, उससे तो ऐसा लगता है कि पाकिस्तान किसी दुश्मन जैसा व्यवहार कर रहा है। इन सब बातों के बावजूद जब कभी सरहद पार से बिछड़े पुराने लोगों की खबरें आती हैं, तो मन खुश हो जाता है।
ऐसी ही एक खबर हाल ही में सामने आई। दरअसल, पाकिस्तान स्थित 300 साल पुराने भाई बीबा सिंह गुरूद्वारे को 64 साल बाद फिर से खोल दिया गया है। कहा जाता है कि इस गुरूद्वारे को बंटवारे के बाद से बंद कर दिया गया था। आपको बता दें कि 300 साल पुराने इस गुरूद्वारे से कई ऐसी बातें सामने आई हैं, जो आपको हैरत में डाल देंगी।
पेशावर स्थित इस गुरूद्वारे को सिखों के 10वें गुरू गोबिंद सिंह के भाई बीबा सिंह ने बनाया था। बीते बुधवार को इवेक्यू ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड ने दुरूद्वारे को सिख समुदाय को सौंप दिया है। तीन सदियों से सिख कम्युनिटी जोगीवारा के गुरूद्वारे में आती है। 1947 में हुए पार्टीशन के बाद ज्यादातर परिवार वहां से अलग-अलग इलाकों में चले गए। उसके बाद से ही यहां पर लोगों ने आना बंद कर दिया। पार्टीशन के बाद पाकिस्तान के धार्मिक विभाग ने इसे अपने नियंत्रण में लेकर बंद कर दिया था। लेकिन अब इसे दुबारा खोले जाने के फैसले के बाद इसके रेनोवेशन कार्य के लिए साढ़े आठ लाख रुपए का खर्चा किया गया है। इस काम को 2013 में शुरू कर दिया था। ऐसी घटनाएं दोनों देशों के संबंधों की कड़वाहट को कुछ हद तक कम तो करती ही हैं।