ढाका: बांग्लादेश सरकार ने कुछ लापता छात्रों के आतंकवादी संगठनों से जुड़े होने की खबरों के मुद्दे पर रविवार को देश के सभी निजी विश्वविद्यालयों से सुरक्षा वार्ता की। वेबसाइट 'बीडीन्यूज 24' की रिपोर्ट के मुताबिक, गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमाल की अध्यक्षता में ढाका में बैठक हुई।
बैठक में शिक्षा मंत्री नुरुल इस्लाम नाहिद, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष अब्दुल मन्नान, बांग्लादेश पुलिस प्रमुख शाहिदुल हक और सुरक्षा बलों के अन्य शीर्ष अधिकारी उपस्थित थे।
इसके अलावा अधिकारियों और विश्वविद्यालयों के ट्रस्टी बोर्ड के सदस्यों, छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों ने भी बैठक में हिस्सा लिया। बांग्लादेश के 95% विश्वविद्यालयों को देशभर में संचालन की अनुमति है, लेकिन फिलहाल केवल 80 संचालित की जा रही हैं।
सरकार और अभिभावकों ने निजी विश्वविद्यालयों के छात्रों के लापता होने पर चिंता व्यक्त की है। कहा जा रहा है कि हाल ही में हुए आतंकवादी हमलों में शामिल कुछ हमलावर इन निजी विश्वविद्यालयों के छात्र थे।
इस्लामिक स्टेट (IS) ने कथित तौर पर इस महीने की शुरुआत में ढाका के एक कैफे पर हमला करने वाले पांच बंदूकधारियों की तस्वीरें जारी की हैं। हमले में अपहृतों को छुड़ाने की कार्रवाई के दौरान इन हमलावरों को मार गिराया गया था।
कुछ समय बाद ही सात जुलाई को शोलाकिया मैदान में ईद की नमाज के लिए जुटी भीड़ की सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस पर हमले के बाद एक मुठभेड़ में एक संदिग्ध आतंकवादी को मार गिराया गया था।
उन 6 युवाओं में चार अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों के छात्र थे। उनमें से दो छात्र नॉर्थ साउथ यूनिवर्सिटीके और एक अन्य बीआरएसी यूनिवर्सिटी का छात्र था। उनके परिवारों ने बताया है कि वे कई महीनों से लापता थे।
पिछले साल विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की एक जांचकर्ता टीम को यूनिवर्सिटी के पुस्तकालय में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन हिजबुल-उल तहरीर की जेहादी किताबें मिली थीं।
मीडिया में जारी खबरों के मुताबिक, यूनिवर्सिटी के कई शिक्षकों और छात्रों को आतंकवाद से जुड़े होने के कारण निष्कासित कर दिया गया था। सरकार ने परिवारों से कहा है कि अगर उनके घरों का कोई युवा सदस्य लापता है तो वे पुलिस को सूचित करें। शिक्षण संस्थानों को भी गैरहाजिरों के बारे में सूचित करने को कहा गया है।